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अमेरिकी राजदूत को शिअद (अमृतसर) ने सौंपा ज्ञापन

SAD (Amritsar) Submits Memorandum : अमृतसर। अमेरिकी राजदूत के श्री हरमंदिर साहिब दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकर्ताओं ने पंजाब के अधिकारों, SGPC के आम चुनाव और भारत-पाकिस्तान के बीच संपर्क बहाली सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पार्टी ने धार्मिक स्वतंत्रता, पंजाब के जल एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े अधिकारों और सिख समुदाय की राजनीतिक व धार्मिक संस्थाओं में लोकतांत्रिक भागीदारी की मांग रखी।

पार्टी ने अमेरिकी राजदूत और दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत सर्जियो गोर को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में पंजाब की सुरक्षा, उसके आर्थिक भविष्य, धार्मिक स्वतंत्रता, SGPC के आम चुनाव और सिखों के आत्म-निर्णय के अधिकार सहित कई मुद्दे उठाए गए। पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान तनाव के मानवीय असर का सीधा खामियाजा पंजाब ने भुगता है। 9 मई, 2025 को फिरोजपुर के खाई फेमे के में हुई ड्रोन से जुड़ी घटना का हवाला देते हुए, ज्ञापन में जान-माल के नुकसान, सीमावर्ती जिलों में बिजली कटौती और अटारी सीमा बंद होने के कारण सीमा-पार कनेक्टिविटी में रुकावट पर प्रकाश डाला गया है।

पार्टी ने भविष्य में भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ने की स्थिति में पंजाब के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संपर्क जारी रखने में मदद करे, सिंधु जल संधि के तहत जल सहयोग बहाल करे और सैन्य संचार व राजनीतिक बातचीत को बढ़ावा दे। इसके अलावा, TAPI गैस पाइपलाइन को फिर से खोलने और कानूनी व्यापार, यात्रा व धार्मिक तीर्थयात्राओं को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

ज्ञापन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के आम चुनाव समय पर कराने, पारदर्शी मतदाता सूची और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा सिख धार्मिक संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने की भी मांग की गई है। पार्टी ने कहा है कि धार्मिक प्रशासन में सिख संगत (समुदाय) की सार्थक लोकतांत्रिक भूमिका होनी चाहिए। इसके अलावा, मेमोरेंडम में *वंदे मातरम*, योग और उनसे जुड़ी धार्मिक गतिविधियों में अनिवार्य रूप से शामिल होने का मुद्दा भी उठाया गया है।

धार्मिक आज़ादी और अंतरात्मा की आज़ादी के अधिकार की वकालत करते हुए, पार्टी ने मांग की है कि अल्पसंख्यकों के लिए ऐसे विकल्प दिए जाएं जिनमें धार्मिक तत्व न हों। मेमोरेंडम में 22 अप्रैल, 1992 को शिरोमणि अकाली दल और SGPC द्वारा संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव को भेजी गई अपील का भी ज़िक्र है। यह पत्र सिखों के राजनीतिक अधिकारों, मानवाधिकारों, पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों और सिखों के आत्म-निर्णय के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की वकालत करता है। पार्टी ने मेमोरेंडम में पंजाब के नदी जल, प्राकृतिक संसाधनों पर पंजाब के लोगों के अधिकार, मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेही और राज्य के भाषाई, धार्मिक और पर्यावरणीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया है।

मेमोरेंडम के आखिरी हिस्से में, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने सिखों के आत्म-निर्णय और एक स्वतंत्र खालिस्तान पर पार्टी का पक्ष रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन के साथ औपचारिक बैठक का अनुरोध किया है। साथ ही, पार्टी ने इस मामले को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और लोगों की इच्छा के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

मेमोरेंडम की मुख्य मांगें

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