SAD Protests Over Jota Murder, Police Stop March : लुधियाना। नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पंजाब में सियासी घमासान तेज हो गया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेशभर में आप विधायकों के आवासों के बाहर धरने का आह्वान किया।
लुधियाना में विधायक अशोक पाराशर पप्पी के आवास की ओर जा रहे अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। बाद में छह अकाली नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को विधायक के आवास तक जाने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने विधायक के पीए को मांगपत्र सौंपा।
बड़ी संख्या में शिअद नेता और कार्यकर्ता विधायक अशोक पाराशर पप्पी के आवास की ओर जा रहे थे, जब पुलिस ने उन्हें भारी बैरिकेडिंग के साथ रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। जैसे ही स्थिति तनावपूर्ण हुई, पुलिस ने हस्तक्षेप किया और केवल छह अकाली नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को विधायक के आवास तक पहुंचने दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल विधायक अशोक पाराशर पप्पी के घर पहुंचा और उनके पीए को पत्र सौंपा।
अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है और नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ लड़ने वालों को खुले तौर पर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। दूसरी ओर, पूरे घटनाक्रम पर बोलते हुए विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने कहा कि विपक्ष को इस तरह के संवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण मामले पर किसी भी तरह की तुच्छ राजनीति करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि हत्याओं जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।

