जालंधर: शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में गत दिनों दो गुटों के बीच हुई झड़प और मंदिर की मर्यादा भंग करने की घटना को लेकर संत समाज एवं हिंदू समाज में गहरा रोष व्याप्त है। वहीं, सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर, जालंधर की मर्यादा तोड़ने, पथराव करने, तोड़फोड़ करने, लोगों में दहशत फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दोषियोंं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के संबंध में श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के आह्वान पर पंजाब भर से संत समाज, हिंदू समाज, विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, ब्रह्मण समाज, शहर की 400 से अधिक मंदिर कमेटियोंं के पदाधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह से मिले।
सभी संगठनों ने सीपी सतिंदर सिंह से मुलाकात कर मंदिर में हुई घटना संबंधी ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द शरारती लोगों को गिरफ्तार कर धार्मिक बेअदबी का कानून बनाकर मामला दर्ज करने की मांग की।
मंदिर कमेटियोंं से सदस्यों ने कहा सिद्ध शीतपीठ श्री देवी तालाब मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख और प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है और करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। हर दिन हजारों भक्त यहां माता श्री त्रिपुरमालिनी जी के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने आते हैं।
ऐसे में सभी मंदिर कमेटियों ने मांग की है कि मंदिर की पवित्रता और मर्यादा को तार-तार करने वाले अज्ञात शरारती तत्वों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सीपी सतिंदर सिंह से मुलाकात दौरान प्रतिनिधिमंडल में श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान शीतल विज, महासचिव राजेश विज, वरिष्ठ उपप्रधान ललित गुप्ता, कैशियर पविंदर बहल सहित 400 से अधिक मंदिर कमेटियोंं के पदाधिकारी एवं संत समाज के प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान शीतल विज, महासचिव राजेश विज, वरिष्ठ उपप्रधान ललित गुप्ता, कैशियर पविंदर बहल व संत समाज की ओर से महामंडलेश्ववर 1008 महंत बंसी दास महाराज, महामंडलेश्वर 1008 महंत केशव दास महाराज, संत गोपाल दास, ब्राह्मण समाज की ओर से मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी के संचालक नवजीत भारद्वाज, पं. उदय पांडे ने पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह से मांग की कि मंदिर परिसर में हुई घटना के दोषियोंं की जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी शुरू करेने के लिए मजबूर होंगे।

