जालंधर/शाहकोट: पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा देर शाम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे और मंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मुख्य सचिव के समक्ष हरिके पत्तन की डीसिल्टिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब तक दरिया की डीसिल्टिंग नहीं करवाई जाएगी तब तक इस क्षेत्र की स्थिति में सुधार नहीं हो सकता। संत सीचेवाल ने बताया कि यह क्षेत्र पंजाब की दो दर्यिओंब्यास और सतलुज से जुड़ा हुआ है। संत सीचेवाल ने कहा कि हर साल हिमाचल में होने वाली बारिश से ब्यास दरिया में बड़े स्तर पर मिट्टी और रेत पानी के साथ बहकर आती है, जो हरिके हेड पर जमती रहती है।
उन्होंने मुख्य सचिव को बताया कि हरिके जलगाह वास्तव में राजस्थान सरकार का पोंड एरिया है। राजस्थान को जाने वाली नहर का पानी इसी क्षेत्र में जमा रहता है। इस संबंध में राजस्थान सरकार ने 400 करोड़ का प्रोजेक्ट भी तैयार किया था। संत सीचेवाल ने बताया कि ब्यास दरिया में गाद जमने के कारण इसका बहाव ऊँचा हो गया है जबकि इसके आसपास की जमीनें नीची हैं। इसके बाद संत सीचेवाल ने मुख्य सचिव को नाव से मंड क्षेत्र के सबसे प्रभावित घरों का दौरा करवाया। बाढ़ के दौरान ये घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। किसानों की फसलें जहाँ डूब गईं, वहीं उनकी अन्य जमीन और संपत्ति को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। इस दौरान आम आदमी पार्टी एससी विंग के प्रदेश सचिव व दोआबा जोन के इंचार्ज रोबिन सांपला भी मौजूद थे।

