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पराली प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

SDM Directs Strict Action Against Stubble Burning : अमृतसर। पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए खदूर साहिब प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। SDM संजीव शर्मा ने नोडल और क्लस्टर अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर गांवों में लगातार निगरानी रखने, किसानों को जागरूक करने और पराली प्रबंधन मशीनों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस संबंध में खदूर साहिब के उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) संजीव शर्मा ने नोडल और क्लस्टर अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। बैठक के दौरान, पराली जलाने से रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में SDM संजीव शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अपने आवंटित गांवों में लगातार निगरानी रखें। उन्होंने किसानों के साथ सीधे संवाद करने पर जोर दिया, जिससे कि उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जा सके और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनों के बारे में जानकारी दी जा सके।

जिला प्रशासन और कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य पराली जलाने की घटनाओं को रोकना, वायु प्रदूषण को कम करना, और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना है। इसलिए, संबंधित अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें और ऐसी किसी भी घटना के मामले में तुरंत आवश्यक कार्रवाई करें। खदूर साहिब के क्लस्टर अधिकारी डॉ. यादविंदर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे पराली को जलाने के बजाय, उपलब्ध कृषि मशीनों का उपयोग करके अपने खेतों में ही इसका प्रबंधन करें। फसल अवशेषों का प्रबंधन एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें न केवल प्रशासन, बल्कि हर किसान और नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि पराली प्रबंधन अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए; सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। इस अवसर पर खदूर साहिब उप-मंडल के क्लस्टर और नोडल अधिकारी मौजूद थे।

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