Sewa Kendra Employees Gherao DGGIT Office : मोगा। पंजाब में सेवा केंद्र कर्मचारियों ने वेतन कटौती, वेतन वृद्धि नहीं होने और नौकरी की असुरक्षा सहित लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मोहाली स्थित डीजीजीआईटी कार्यालय का घेराव किया। यूनियन और प्रशासन के बीच कुछ मांगों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। अब 3 नवंबर को चंडीगढ़ में अगली बैठक होगी। मांगें पूरी नहीं होने पर यूनियन ने प्रदेशव्यापी रैली और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
यूनियन के लगातार प्रयासों और प्रशासन के सहयोग से कुछ मांगों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके बाद अगली बैठक 3 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे पंजाब सिविल सचिवालय-2, चंडीगढ़ में निर्धारित की गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारी लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनमें वेतन में कटौती, वेतन वृद्धि नहीं होना और नौकरी की असुरक्षा प्रमुख हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी कंपनियों के प्रबंधन के तहत काम करते हुए उन्हें अपने जायज अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग की कि सेवा केंद्रों को सरकारी प्रबंधन के अधीन लाया जाए, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके। यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहिए। पदाधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी कई बैठकें हुईं, लेकिन कोई संतोषजनक परिणाम सामने नहीं आया। इसी कारण कर्मचारियों को डीजीजीआईटी कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 3 नवंबर को होने वाली बैठक में भी मांगों का समाधान नहीं निकला तो पंजाब स्तर पर विशेष रैली और संघर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही पंजाब सरकार के पूर्ण राजनीतिक और सामाजिक बहिष्कार की मुहिम शुरू करने का भी ऐलान किया गया है। इस अभियान में प्रदेशभर के सेवा केंद्र ऑपरेटरों के अपने परिवारों, रिश्तेदारों और मित्रों सहित शामिल होने की बात कही गई है। यूनियन नेताओं ने पंजाब सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रधान दविंदर बंसल, प्रदेश प्रधान बलजिंदर सिंह माझा, उपप्रधान मोहनी शर्मा और महासचिव गुरसेवक सिंह ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

