SGPC Opens Two New Floors at Amritsar Headquarters : अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने SGPC मुख्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक की दो नई मंजिलों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सुखमनी साहिब का पाठ, गुरबानी कीर्तन और अरदास की गई। धामी ने बताया कि प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए भवन का विस्तार किया गया है, जबकि आधुनिक ऑडिटोरियम का नाम सिख विद्वान एवं सिंह सभा आंदोलन के प्रमुख नेता ज्ञानी दित्त सिंह जी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने सिख धर्म के प्रचार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण में SGPC के योगदान को भी रेखांकित किया।
उद्घाटन से पहले श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थे ने गुरबानी कीर्तन किया और भाई प्रेम सिंह ने अरदास (प्रार्थना) की।
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय की प्रतिनिधि संस्था के तौर पर SGPC, सिखी के प्रचार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और जन कल्याण के क्षेत्रों में अहम सेवाएँ दे रही है। इसने समुदाय की भावना को अपनाते हुए एक सदी का सफर तय किया है। प्रशासनिक ज़रूरतों को देखते हुए प्रशासनिक ब्लॉक का विस्तार किया गया है और भविष्य की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है।
इस ऑडिटोरियम का नाम सिंह सभा आंदोलन के नेता और प्रमुख सिख विद्वान ज्ञानी दित्त सिंह जी के नाम पर रखा गया है। यह बताया गया कि सिंह सभा आंदोलन और गुरुद्वारा सुधार आंदोलन सिख इतिहास में बहुत अहम थे, जिन्होंने गुरुद्वारों के बेहतर प्रबंधन और सिख मूल्यों को बढ़ावा देने में बड़ा योगदान दिया। सिख धर्म के मूल सिद्धांतों और *मर्यादा* (आचार संहिता) को बनाए रखने के लिए प्रेरणा का निरंतर स्रोत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस ऑडिटोरियम का नाम ज्ञानी दित्त सिंह जी के नाम पर रखा गया।
कार्यक्रम में मौजूद शिरोमणि कमेटी के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानी दित्त सिंह जी ने अपने समय की चुनौतियों का सामना करते हुए सिख धर्म के प्रचार में अमूल्य योगदान दिया और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ़ ज़ोरदार आवाज़ उठाई। उन्होंने ज्ञानी दित्त सिंह को एक ज्ञानी विद्वान बताया, जिनका जीवन सिख सिद्धांतों के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित करता रहता है। इस परियोजना को पूरा करने में उनकी सेवाओं के लिए बाबा जगतार सिंह और बाबा मोहिंदर सिंह (कार सेवा तरनतारन के) के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, एडवोकेट धामी ने कहा कि इन हस्तियों ने हमेशा गुरु के मंदिरों की संरचनाओं और संगत (मण्डली) की जरूरतों से संबंधित कार्यों को गहरी भक्ति और समर्पण के साथ किया है।
इस अवसर पर कारसेवा से जुड़ी पूज्य विभूतियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर बाबा जगतार सिंह (कार सेवा तरनतारन साहिब), बाबा मोहिंदर सिंह, शिरोमणि समिति के मुख्य सचिव स. कुलवंत सिंह मन्नन, और कार्यकारी समिति के सदस्य स. जस्सी, स.भगवंत सिंह धंगेरा, सहायक सचिव स.हरभजन सिंह वक्ता, स.सुखबीर सिंह, स.गुरमीत सिंह मुक्तसारी, स.आजाद दीप सिंह, स.सतनाम सिंह रियार, श्री दरबार साहिब के मैनेजर स.मेजर सिंह, बाबा गुरमीत सिंह, बाबा गुरमेल सिंह जमनी साहिब, बाबा सुक्खा सिंह टांडा होशियारपुर, बाबा जोगा सिंह अमृतसर, बाबा हरदेव सिंह, बाबा दलबीर सिंह, एक्सईएन स.जतिंदरपाल सिंह, स.सुखजिंदर सिंह, स. अमनदीप सिंह, सुपरिंटेंडेंट स. निशान सिंह, स. मलकीत सिंह बहिरवाल, एस.डी.ओ. स. सुखबीर सिंह, जे.ई. स. शमशेर सिंह, स. सतबीर सिंह व समस्त स्टाफ उपस्थित था।

