sgpc-president-meet-aggrieved-gursikh : अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पुलिस प्रताड़ना का शिकार हुए गुरसिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। धामी ने पीड़ित युवक को हर संभव सहायता और जरूरत पड़ने पर इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा देते हुए धार्मिक प्रतीकों की बेअदबी के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई सिख पीड़ित होता है, तो सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पीड़ित के साथ खड़ा होना अपना कर्तव्य समझती है। एडवोकेट धामी ने कहा कि सरकार की नीतियों, कामकाज और सामाजिक मुद्दों पर सवाल उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सवाल उठाने वाले व्यक्ति को प्रताड़ित करने की इजाजत कोई कानून नहीं देता। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी पहले लोगों से नेताओं से सवाल पूछने के लिए कहती थी, लेकिन अब जब लोग उनसे सवाल पूछते हैं तो वे नाराज हो जाते हैं और पुलिस का गलत इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या सरकार के लिए एक बड़ा मुद्दा है। नशे के कारण युवाओं की जान जा रही है, लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है और सवाल उठाने वालों और विरोध करने वालों को ही दोषी के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही है। SGPC अध्यक्ष ने कहा कि जब एक गुरसिख युवक ने, जो लोगों से मिलने गांव आए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से नशे के बारे में सवाल पूछा, तो पुलिस ने न केवल उसे प्रताड़ित किया, बल्कि उसके बालों और सिर के कपड़े (पगड़ी/दस्तार) की बेअदबी करके एक बड़ा अपराध भी किया।
उन्होंने कहा कि सिर का कपड़ा (दस्तार) सिख जीवन का एक अहम हिस्सा है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने और सिखों के धार्मिक प्रतीकों की बेअदबी करने का अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों की जानबूझकर बेअदबी करने वाले दोषियों को सख्त और मिसाल कायम करने वाली सजा दी जानी चाहिए। एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी पीड़ित युवक को हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है और अगर वह चाहे तो शिरोमणि कमेटी श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज में उसके इलाज का भी इंतजाम करेगी।

