अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रेसिडेंट सिमरनजीत सिंह मान ने आज अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से लगाई जा रही पाबंदियों पर सवाल उठाए और कहा कि सुरक्षा के लिए जो वजह बताई गई है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए बेवजह मुश्किलों का सामना नहीं करना चाहिए।
मान ने अमरनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार सिखों और हिंदुओं के लिए अलग-अलग क्राइटेरिया अपना रही है, जिससे दोनों समुदायों के बीच बंटवारे की भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने मांग की कि सरकार धार्मिक यात्राओं और धार्मिक स्थलों पर जाने को लेकर एक जैसी पॉलिसी अपनाए। मान ने 15 अगस्त को चंडीगढ़ में नेशनल जस्टिस फ्रंट के एक प्रोग्राम के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और ड्रोन के जरिए आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने ड्रोन के जरिए भीड़ कंट्रोल ऑपरेशन को सख्त बताया और मामले की ह्यूमन राइट्स जांच की मांग की। मान ने जेल में बंद सिखों की रिहाई का मुद्दा भी ज़ोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि जिन सिखों की सज़ा पूरी हो गई है, उन्हें अभी तक जेलों से रिहा नहीं किया गया है। उन्होंने कुछ मामलों में पैरोल न दिए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जेल में बंद सिखों की मांएं अपने बेटों का इंतज़ार करते हुए आखिरी सांसें गिन रही हैं, जबकि सिरसा के साध को पैरोल दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में एक जैसी और सही पॉलिसी अपनानी चाहिए।
पंथिक एकता के बारे में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रेसिडेंट ने कहा कि उनकी पार्टी पंथिक एकता के लिए काम करने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने दूसरे अकाली गुटों की BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हो रही पॉलिटिकल मीटिंग्स की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बादल दल के नेता बार-बार प्रधानमंत्री के पास जाकर सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं और इससे पंथिक एकता को लेकर उनकी गंभीरता पर सवाल उठते हैं।
मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की भी ज़ोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल से चुनाव न होने की वजह से सिखों के डेमोक्रेटिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव समय पर कराना सिख संगत के डेमोक्रेटिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।
मान ने विदेश और भारत में कई सिख नेताओं की हत्याओं का ज़िक्र किया और इन घटनाओं को भारत सरकार की एजेंसियों की कथित कार्रवाई से जोड़ा। उन्होंने केंद्र सरकार के कुछ सीनियर अधिकारियों और इंटेलिजेंस अधिकारियों पर भी आरोप लगाया और कहा कि इन मामलों की कानूनी और इंटरनेशनल लेवल पर बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए।
इस मौके पर मान ने 21 अगस्त को पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन किया और कहा कि इस दौरान स्कूल, कॉलेज, दुकानें और रेल सेवाएं बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह बंद सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पंजाबी आबादी वाले इलाकों में भी होगा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) की तरफ से 28 अगस्त को बाबा बकाला साहिब में एक बड़ा पंथिक कॉन्फ्रेंस किया जा रहा है, जो श्री गुरु तेग बहादुर पातशाह जी के मानवता के लिए दिए गए महान बलिदान को समर्पित है। मान ने संगत से अपील की कि वे इस पंथिक कॉन्फ्रेंस में ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में शामिल हों। इस मौके पर ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी जसबीर सिंह बचड़े, हरमनदीप सिंह सुल्तानविंड, शमशेर सिंह बराड़, कुलवंत सिंह कोटला, परमजीत सिंह खासा, जसकरण सिंह, रवि शेर सिंह, सिमरन सिंह और दूसरे लोग मौजूद थे।

