पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में हलचल मचाने वाले ड्रग्स से जुड़े मामले में एक और बड़ा मोड़ आया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मोहाली कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिससे मजीठिया के समर्थकों और पार्टी में हड़कंप मच गया है।
मजीठिया के खिलाफ यह कार्रवाई NDPS एक्ट (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत दर्ज मामलों के सिलसिले में की गई है। जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए सबूतों और दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया।
क्या है मामला?
बिक्रम मजीठिया पर आरोप है कि उन्होंने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई थी। पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की गहन जांच की, जिसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मजीठिया ने इन आरोपों को शुरू से ही राजनीतिक साजिश बताया है, लेकिन कोर्ट की कार्रवाई से मामला और गंभीर होता नजर आ रहा है।
अगली सुनवाई और अगला कदम
कोर्ट के आदेश के बाद अब विजिलेंस टीम बिक्रम मजीठिया को नाभा जेल लेकर जा रही है। आगामी 14 दिन तक वे जेल में रहेंगे, और उसके बाद इस मामले की अगली सुनवाई होगी। इस बीच, उनके वकील जमानत की अर्जी दाखिल करने की तैयारी में हैं।
गिरफ्तारी से बरामद हुए डिजिटल डिवाइस
गौरतलब है कि 25 जून की सुबह 4:30 बजे विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ 540 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। इसके बाद प्रदेशभर में मजीठिया से जुड़े 26 ठिकानों पर छापे मारे गए। आखिरकार उसी दिन सुबह 11:30 बजे उन्हें उनके अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी के दौरान विजिलेंस ने 29 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 3 iPad, 2 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 8 डायरियां और कई अहम दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि ये सामग्री जांच को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकती है।

