चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल ने आज घोषणा की कि केजरीवाल सरकार की “भूमि हड़पने की योजना” के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन और तेज़ किया जाएगा और यह तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार किसानों और अन्य भूस्वामियों के साथ अपनी धोखाधड़ी पूरी तरह से वापस नहीं ले लेती।
इस आशय का एक प्रस्ताव आज दोपहर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में पारित किया गया।
प्रस्ताव में अन्य बातों के अलावा यह भी घोषणा की गई कि भूमि हड़पने की योजना के खिलाफ अगला विरोध धरना 4 अगस्त को बठिंडा और 11 अगस्त को पटियाला में आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद अन्य सभी जिला मुख्यालयों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन होंगे।
ये निर्णय लिए गए और सरकार की ज़मीन लूट के राज्यव्यापी विरोध की रूपरेखा पर पार्टी के ज़िला जत्थेदारों और कार्यकारिणी की बैठकों में सुबह चर्चा की गई। तीनों बैठकों की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की।
कोर कमेटी की बैठक श्री अकाल तख्त साहिब के माननीय जत्थेदार साहिब, सिंह साहिब कुलदीप सिंह गर्गज के बहनोई, श्री गुरविंदर सिंह के दुखद निधन पर श्रद्धांजलि और शोक व्यक्त करने के लिए दो मिनट का मौन रखकर और प्रार्थना करके शुरू हुई।
बादल ने इससे पहले जत्थेदार साहिब से फ़ोन पर बात करके अपनी और पार्टी की ओर से हार्दिक संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बैठक में दिवंगत पंजाबी मैराथन के प्रतीक सरदार फौजा सिंह को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इससे पहले सुबह, बादल ने पारंपरिक जयकारे (पंथिक नारे) के बीच पार्टी के राज्यव्यापी अभियान, “मैंनू मान अकाली होन ते” की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के वाहनों पर स्टिकर चिपकाए और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के घरों पर फहराए जाने वाले झंडे भी जारी किए।
बादल ने कहा, “अकाली उभार के खिलाफ साजिशों का निर्णायक रूप से पर्दाफाश करने का यह अभियान पंजाब के हर गाँव, कस्बे और शहर के हर घर और हर गली-मोहल्ले तक पहुँचाया जाएगा।”
तीनों बैठकों में सदस्यों ने विपक्षी दलों, खासकर अकाली दल के कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ जारी प्रतिशोध और दमन की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक स्वर में कहा, “हम हर स्तर पर दमन का पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे।”
सदस्यों ने जयपुर में एक सिख छात्रा गुरप्रीत कौर को राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में बैठने से रोकने की चौंकाने वाली घटना की भी कड़ी निंदा की।
पार्टी ने कहा, “इस घटना ने दुनिया भर के सिखों की धार्मिक भावनाओं को गहरा ठेस पहुँचाई है।” गौरतलब है कि श्री बादल ने कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में सिखों के खिलाफ भेदभाव की ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए सीधे हस्तक्षेप करने की माँग की थी।
आज की कोर कमेटी की बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया, “भारतीय संविधान द्वारा सिखों को दिए गए अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।”
बैठक में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत की वर्षगांठ और 9 अगस्त को बाबा बकाला साहिब में ऐतिहासिक रखड़ पुनिया सम्मेलन सहित पवित्र धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजनों के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार की गई।
पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए वरिष्ठ अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार, खासकर मुख्यमंत्री, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की पवित्र जयंती को श्रीनगर में एक मनोरंजन कार्यक्रम में बदलकर की गई बेअदबी के लिए खालसा पंथ से माफ़ी माँगने के लिए बाध्य हैं।
डॉ. चीमा ने कहा, ‘‘यह अजीब बात है कि मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा आयोजित अपवित्र कार्यक्रम के लिए खेद व्यक्त करना और माफी मांगना भी जरूरी नहीं समझा।’’
शिअद 20 अगस्त को अपने दिवंगत अध्यक्ष और शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव के मसीहा शहीद संत हरचंद सिंह जी लोंगोवाल की 40वीं शहादत वर्षगांठ मनाएगा। पार्टी 15 अगस्त को शहीद करनैल सिंह इस्सरू जी के सम्मान में इस्सरू में अपना वार्षिक सम्मेलन भी आयोजित करेगी।
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