पंजाब डेस्क: पठानकोट में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धारकलां थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर गुलशन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने मारपीट के एक मामले में कार्रवाई के बदले ₹2.50 लाख की रिश्वत मांगी थी। बीते दिन विजिलेंस टीम ने उन्हें उनके सरकारी क्वार्टर से कथित तौर पर ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए काबू किया। पठानकोट विजिलेंस इंस्पेक्टर विक्रांत सलारिया ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मारपीट के मामले में मांगी थी ₹2.50 लाख की रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, धारकलां के होटल मधुबन में वेटर और ग्राहकों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसी केस में थाना प्रभारी गुलशन कुमार पर ₹2.50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में रिश्वत की रकम ₹5 लाख बताई गई थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर ₹2.50 लाख में सौदा तय हुआ। इसकी पहली किस्त के रूप में ₹1 लाख दिए जाने थे। इसी दौरान विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए एसएचओ को गिरफ्तार कर लिया।
होटल मधुबन में सिगरेट की कीमत को लेकर शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला पठानकोट-डलहौजी हाईवे पर स्थित होटल मधुबन में हुई मारपीट से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, होटल में आए कुछ ग्राहकों ने वेटर से सिगरेट की डिब्बी मंगवाई थी। बताया गया कि बाहर से ₹90 में लाई गई डिब्बी के लिए ग्राहकों से ₹90 मांगे गए, जबकि उनका कहना था कि इसकी कीमत ₹45 है।
सिगरेट की कीमत को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही कहासुनी और हाथापाई में बदल गई। इस झड़प में सारटी निवासी लखविंदर कुमार घायल हो गए। इसके बाद उन्होंने मेडिकल जांच करवाई और धारकलां पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
लखविंदर कुमार की शिकायत के बाद धारकलां पुलिस ने इस विवाद में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में कथित रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस तक पहुंची।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की और आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत पहली किस्त के ₹1 लाख दिए जाने के दौरान टीम ने कार्रवाई की।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद आगे की जांच जारी
एसएचओ गुलशन कुमार की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस विभाग मामले की आगे की कानूनी जांच में जुटा है। जांच के दौरान रिश्वत की कथित मांग, लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

