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बंदी सिखों की रिहाई के लिए 29 अगस्त को अरदास करें : ज्ञानी गरगज

Sikh Community Urged to Pray on August 29 : अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने सिख समुदाय से 29 अगस्त को बंदी सिखों की रिहाई और बेहतरी के लिए अपने-अपने गुरुद्वारों में अरदास करने की अपील की है। उन्होंने दुनिया भर की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों से एकजुट होकर इस कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जब छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, ग्वालियर किले में नज़रबंद थे, तब बाबा बुड्ढा साहिब जी और भाई गुरदास जी ने ‘शबद चौकियां’ निकाली थीं, जिससे कौम में प्रगति हुई थी। उस समय भी सिखों ने ‘शबद गुरु’ का सहारा लिया था और आज भी सिखों को ‘शबद गुरु’ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सहारा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के सिख समुदाय को 29 अगस्त को इस इतिहास को ध्यान में रखते हुए एकजुटता दिखानी चाहिए और कैद सिंहों की रिहाई और बेहतरी के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में प्रार्थना की अवधारणा में बहुत शक्ति है और गुरु साहिब की उपस्थिति में पूरे भरोसे के साथ की गई प्रार्थना निश्चित रूप से सफल होती है।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि कैद सिंह पिछले तीन दशकों से जेलों में बंद हैं और सरकारें भेदभावपूर्ण नीतियों और दोहरे मापदंडों के तहत सिखों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही हैं; इसके खिलाफ पूरे सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में एकजुट होने और वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज़ उठाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा नियोजित कार्यक्रमों के तहत, 27 अगस्त को सभी गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू होगा और 29 अगस्त को भोग के बाद कैद सिंहों के लिए प्रार्थना की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के अलावा, दूसरे गुरुद्वारे भी उसी तरह ‘श्री अखंड पाठ साहिब’ शुरू कर सकते हैं और 29 अगस्त को ‘अरदास समागम’ आयोजित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ‘श्री अखंड पाठ साहिब’ शुरू नहीं किया जा सकता है, तो हर गुरुद्वारा साहिब में गुरबानी का पाठ करने के बाद, 29 अगस्त को ‘बंदी सिखों’ के लिए अरदास ज़रूर की जानी चाहिए। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने यह भी अपील की कि गुरुद्वारों के प्रबंधक 29 अगस्त को ‘बंदी सिखों’ के लिए होने वाले अरदास समागम का वीडियो रिकॉर्ड करें और उसे सोशल मीडिया व अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें।

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