अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब का मीरी-पीरी सिद्धांत यह साफ करता है कि राजनीति धर्म के अधीन है, न कि धर्म किसी राजनीतिक ताकत के अधीन। इसलिए सिख पंथ अपने धार्मिक मामलों में किसी भी सरकारी दखल को कभी बर्दाश्त नहीं करता। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मीरी पीरी खालसा मार्च के दौरान संगत को संबोधित करते हुए कही। कुछ लोग राजनीति के घमंड में सिख संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी पहचान करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का मुख्य मकसद संगत को श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के संदेश से जोड़ना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और गांव-गांव, शहर-शहर गुरमत का संदेश पहुंचाकर उन्हें सिख विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की पवित्र बाणी और श्री अकाल तख्त साहिब के मार्गदर्शन में एकजुट होकर ही सिख पंथ अपने शिखर पर रह सकता है। इसलिए आइए हम गुरबाणी से जुड़ें, नशे और पंथ विरोधी ताकतों से सावधान रहें, आपसी भाईचारा मजबूत करें और गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करते हुए गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लें।
इस बीच SGPC के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरुओं द्वारा स्थापित शाश्वत और सर्वोच्च सिंहासन है। इसकी गरिमा और सर्वोच्चता को चुनौती देने की सोच सिख पंथ की परंपराओं और सिद्धांतों के खिलाफ है। पंथ को ऐसी धर्म विरोधी और गुमराह करने वाली ताकतों की मानसिकता को समझकर सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी सिखों का कर्तव्य है कि वे सिख संस्थाओं की गरिमा, एकता और गुरमत सिद्धांतों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आएं। युवाओं को सिख विरासत, राष्ट्रीय एकता, पंथिक चेतना और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता से जोड़ने के मकसद से श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी पीरी खालसा मार्च आज गुरुद्वारा तख्तूपुरा साहिब मोगा के लिए रवाना हुआ और इसका अगला पड़ाव गुरुद्वारा जामनी साहिब बाजिदपुर (फिरोजपुर) था। खालसा मार्च के रवाना होने से पहले गुरुद्वारा साहिब में हुए कार्यक्रम के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने संगत को इतिहास से जोड़ा।
शुरुआत में अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने पालकी साहिब में सुशोभित किया और चौर साहिब की सेवा SGPC के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने की। मीरी पीरी खालसा मार्च का भक्तों ने डरकोट रणसिह, निहाल सिंह वाला, जवाहर सिंह वाला मौर, खोटे, मानूके, फुलेवाला ब्रिज, नाथोके, बाघापुराना शहर, आलम वाला, लंगेआना नवां पुराना, नाथुवाला गरबी मौर, वड्डा घर, कोरेवाला कलां, कोरेवाला खुर्द, ड्रोली भाई, डगरू, जोगेवाला, दारापुर, तलवंडी भाई, लल्ले, साझी बुगरां, ठेठर कलां, हकूमत सिंह वाला, घल्ल खुर्द, फिरोजशाह, मिसरीवाला, रद्दा खेड़ा, बधनी गुलाब सिंह वाला, प्यारेआना, मल्लवाला में स्वागत किया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आज रात खालसा मार्च का पड़ाव गुरुद्वारा जामनी साहिब बाजिदपुर (फिरोजपुर) में होगा, जहां से यह कल अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा। गुरुओं और शहीद सिंहों के हथियार ले जा रही बस और अलग-अलग गाड़ियों पर शहीद सिंहों की तस्वीरें संगत के लिए खास आकर्षण थीं।
इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के जूनियर उपाध्यक्ष स. बलदेव सिंह कल्याण, शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं हलका इंचार्ज स. बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़, स. दर्शन सिंह घोलिया, स. संजीत सिंह सनी गिल, हलका इंचार्ज स. तीरथ सिंह महला, स. राजविंदर सिंह धर्मकोट, स. आर. एस. कलेर, बाबा गुरनाम सिंह ड्रोली भाई, बाबा साधु सिंह, शिरोमणि कमेटी सदस्य भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल, स. सुखहरप्रीत सिंह रोडे, तरसेम सिंह रत्तियां, स. सतपाल सिंह तलवंडी भाई, बीबी नरिंदर कौर रानिया, शिरोमणि कमेटी सचिव स. गुरिंदर सिंह मथरेवाल, उप सचिव स. गुरनाम सिंह, जिला अध्यक्ष स. निहाल सिंह भुल्लर, बाबा हरजिंदर सिंह मुक्तसर साहिब, बाबा सतनाम सिंह खापरखेड़ी, बाबा बलदेव सिंह वल्ला, इंचार्ज स. जगदीश सिंह बुट्टर, स. गुरप्रीत सिंह रोडे, मैनेजर स. नरिंदर सिंह, स. जसबीर सिंह, प्रधान प्रचारक भाई जगदेव सिंह, भाई सरबजीत सिंह धोतिया, मैनेजर एस. जगदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

