Last Updated: September 20, 2026

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पंजाब-चंडीगढ़ में होगा SIR, चुनाव आयोग ने किया बड़ा ऐलान; पढ़ें पूरी जानकारी

May 14, 2026

पंजाब-चंडीगढ़ में होगा SIR, चुनाव आयोग ने किया बड़ा ऐलान; पढ़ें पूरी जानकारी

चंडीगढ़: पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। 2027 विधानसभा चुनावों से पहले यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं, जिनकी जानकारी की दोबारा जांच की जाएगी।

SIR के तीसरे चरण में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, फर्जी, दोहराए गए या दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा नाम, पता और अन्य विवरणों में त्रुटियों को भी सुधारा जाएगा।

इस अभियान को लेकर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अपने वोट संबंधी दस्तावेजों और जानकारी की जांच खुद भी करनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी हर बूथ स्तर पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न कटे।

क्या है SIR प्रक्रिया?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। इसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाता है, जबकि मृतकों, स्थान बदल चुके लोगों और डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए जाते हैं।

किन राज्यों में हो चुकी है शुरुआत?

इससे पहले बिहार में पहले चरण के तहत यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जहां अंतिम सूची में 7.42 करोड़ मतदाता शामिल किए गए। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लागू किया गया।

मतदाताओं को क्या करना होगा?

SIR के दौरान BLO या BLA मतदाताओं को फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। लोगों को अपनी जानकारी की पुष्टि करनी होगी। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज है, तो उसे एक स्थान से हटवाना होगा। वहीं जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें निर्धारित फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

कौन-कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, सरकारी पहचान पत्र, जाति प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, पेंशनर आईडी, परिवार रजिस्टर और जमीन या मकान आवंटन पत्र जैसे दस्तावेज मान्य होंगे।

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 क्या है चुनाव आयोग का उद्देश्य?

चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले दो दशकों में बड़े पैमाने पर लोगों का माइग्रेशन हुआ है, कई लोगों के नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं और कई मृत मतदाताओं के नाम भी सूची में बने हुए हैं। ऐसे में SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

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