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सोशल मीडिया हैंडल पर अमृतसर एसपी के बयान को तोड़-मरोड़कर किया पेश, लोगों को गुमराह करने की कोशिश

अमृतसर: कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर ऐसे वीडियो साझा किए गए हैं, जिनमें 4 अगस्त को अमृतसर के पुलिस कमिश्नर द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ हिस्सों को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पंजाब पुलिस द्वारा एक आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारी के संबंध में थी। इन संपादित वीडियो के माध्यम से यह गलत और भ्रामक संदेश देने की कोशिश की गई है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन पाकिस्तानी ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे।

पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने आज स्पष्ट किया कि 4 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल यह बताया गया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी जंतर-मंतर की रेकी करने गए थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि गिरफ्तार आरोपी विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का इस मॉड्यूल से कोई संबंध था।

प्रवक्ता ने कहा कि बदले गए बैकग्राउंड विजुअल, वीडियो की चुनिंदा एडिटिंग और उसके साथ दिए गए कैप्शन से ऐसा भ्रामक प्रभाव पैदा किया गया है, मानो गिरफ्तार किए गए लोग जंतर-मंतर के प्रदर्शन से जुड़े थे। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के ऑडियो और तथ्यों में कोई बदलाव या मॉर्फिंग नहीं की गई है, लेकिन इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में चुनिंदा एडिटिंग और भ्रामक कैप्शन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पुलिस कमिश्नर के बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह 4 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए आधिकारिक बयान को जनता के सामने भ्रामक तरीके से पेश करने का प्रयास प्रतीत होता है। इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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