Special camp to continue until November 20 : अमृतसर। कमिश्नरेट पुलिस की मुठभेड़ आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश नाम के एक अपराधी से हुई, जो कादियान (बटाला पुलिस जिला) का रहने वाला है। इस मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी आकाश ने बंदूक की नोक पर बटाला में एक मनी एक्सचेंजर की दुकान से करीब 2.5 लाख रुपये लूटे थे। इस घटना में शामिल अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस जांच से पता चला है कि आकाश, खतरनाक अपराधी अंग्रेज सिंह (उर्फ छोटू) का साथी था। आकाश ने हथियार उपलब्ध कराए थे और वह छोटू को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की योजना बना रहा था। छोटू के खिलाफ पहले से ही 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं; वह कोट खालसा हत्याकांड में भी नामजद है और फिलहाल जेल में बंद है।
आरोपी ने योजना बनाई थी कि या तो कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट पर हमला किया जाए, या फिर जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर पुलिस टीम को किसी ढाबे पर रुकने के लिए कहा जाए, जहां वे गोलीबारी करके अपराधी को पुलिस हिरासत से छुड़ा सकें। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण, आरोपी अपनी योजनाओं में सफल नहीं हो सके। आज, जब पुलिस टीम ने उक्त आरोपी को रुकने का इशारा किया तो वह रुकने के बजाय पुलिस पर ही गोली चलाने लगा। हालांकि पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वह गोलीबारी करता रहा। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई।
इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में आगे की जांच चल रही है। पुलिस आरोपी के साथियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है, साथ ही इस आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी आकाश ने बंदूक की नोक पर बटाला में एक मनी एक्सचेंजर की दुकान से करीब 2.5 लाख रुपये लूटे थे। इस घटना में शामिल अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस जांच से पता चला है कि आकाश, खतरनाक अपराधी अंग्रेज सिंह (उर्फ छोटू) का साथी था। आकाश ने हथियार उपलब्ध कराए थे और वह छोटू को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की योजना बना रहा था। छोटू के खिलाफ पहले से ही 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं; वह कोट खालसा हत्याकांड में भी नामजद है और फिलहाल जेल में बंद है।
आरोपी ने योजना बनाई थी कि या तो कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट पर हमला किया जाए, या फिर जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर पुलिस टीम को किसी ढाबे पर रुकने के लिए कहा जाए, जहां वे गोलीबारी करके अपराधी को पुलिस हिरासत से छुड़ा सकें। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण, आरोपी अपनी योजनाओं में सफल नहीं हो सके। आज, जब पुलिस टीम ने उक्त आरोपी को रुकने का इशारा किया तो वह रुकने के बजाय पुलिस पर ही गोली चलाने लगा। हालांकि पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वह गोलीबारी करता रहा। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई।
इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में आगे की जांच चल रही है। पुलिस आरोपी के साथियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है, साथ ही इस आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।

