
अमृतसर: खालसा पंथ ने पवित्र होला त्यौहार सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में मनाया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुखआसन यात्र दौरान 4 मार्च की रात को रूहानियत से फिजां महक उठी, जब देश विदेश से आए सिखों ने संगती रूप में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन सरूप के संग गेंदा और गुलाब के फूलों की वर्षा से होली खेली। संगत होले मोहल्ले में संगत करीब 25 मिनट तक गुरु के पावन स्वरूप पर गुलाब व गेंदे के फूलों की वर्षा करती रही।
रात करीब 9 बजकर 50 मिनट पर गुरु साहिब के पावन स्वरूप को सुनहरी पालकी साहिब में विराजमान करके सचखंड से श्री अकाल तख्त साहिब की ओर ले जाया गया। 10 बजकर 15 मिनट पर जहां से ही दर्शनी दरवाजे से बाहर परक्रिमा में पालकी साहिब पहुंची, तो संगत ने गेंदा, गुलाब के फूलों की वर्षा करके होली खेली।
सजाया गया सुरमई नगर कीर्तन : 4 मार्च को दोपहर 12 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से परंपरा अनुसार श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान प्रो. इन्द्रजीत सिंह गगोआणी और महासचिव हरमनजीत सिंह की देखरेख और अन्य सिख संगठनों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी के बिना सुरमई नगर कीर्तन सजाया, जो सतनाम वाहेगुरु के जाप के बीच सचखंड की परिक्रमा से गुजरता हुआ शहर के अलग-अलग बाजारों से होता शाम को श्री अकाल तख्त साहिब पर संपन्न हुआ।