
मानसा: आज बाद दोहपर आई तेज आंधी के बाद पड़ी बारिश ने सरदूलगढ़ के दर्जनों गांवोंे में तबाही मचाई और इस में जहां एक दम आवागमन धम गया वहीं खेतों में खड़ी गेहूं समेत अन्य फसलें भी पूरी तरह नुकसानी गई। आज दोपहर के बाद सरदूलगढ़ के गांव मीरपुर, झंडूके, फ्ता मालोका, जटाण खुर्द, झुनीर, माखेवाला, भम्मे, भम्मे खुर्द, कोरवाला, रामा नंदी, बाजेवाला समेत अन्य गांवों तेज आंधी व बारिश ने तबाही मचाई, तेज आंधी ने जहां पक्की हुई हाड़ी की फसले पूरी तरह बिछा दी वहीं गड़ेमारी ने पक्की फसलों को मिट्टी में मिला दिया।
उधर, तेज आंधी कारण गांव माखेवाला के एक किसान के मकान की छत उड़ गई, लेकिन जानी नुकसान से बचाव हो गया। जटाणा खुर्द के किसान गुरसेवक सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि आंधी तेज थी कि सड़कों किनारे व खेतों में खड़े अधिकांश वृक्ष टूट गए। गांव लालियावाली के किसान जगदीप सिंह ने बताया कि बारिश व तेज आंधी ने पक्की फसलों को गिरा दिया। उनहोंने बताया कि जो किसान सरसों की भारी फसल को देखकर करीब 2 बजे खुश नजर आ रहे थे तो वह किसान करीब 4 बजे कुदरती कुरोपी कारण बहुत परेशान दिखाई दिए।
भम्मे कला के किसान टेक सिंह ने बताया कि आंधी ने मानसा सिरसा मुख्य मार्ग तबाही मचाई जिससे घंटों तक आवागमन ठप रहा। स्थानीय लोगों के सहयोग के साथ सड़क के बीच गिरे वृक्षों को खींच कर सड़क के किनारे किया गया तो कहीं जाकर आवागमन चल पाया। उधर, किसान संगठनों के नेताओं ने कुदरती कहर के कारण हुए भारी नुकसान के चलते सरकार से मांग की कि विशेष पड़ताल करवाकर मुआवजा दिया जाए।
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