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कनाडा में छठी बार सांसद बने सुख धालीवाल, पूरे गांव सूजापुर में ढोल-नगाड़ों से मनाया जश्न

Sukh Dhaliwal: कनाडा में लगातार छठी बार सांसद चुने गए सुख धालीवाल की जीत पर उनके पैतृक गांव सूजापुर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंगलवार को भांगड़ा डाला गया और गांव भर में लड्डू बांटे गए। गांव में जहां महिलाओं ने गिद्दा डालकर खुशी जताई, वहीं धालीवाल के बड़े भाई जगदेव सिंह ने कहा कि उनके भाई ने गांव नहीं पंजाब का नाम किया रोशन किया है।

इस मौके पर पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने भी गांव पहुंचकर गांववासियों के साथ जश्न मनाया और सुख धालीवाल को जीत की बधाई दी। भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र और पंजाबी समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सुख धालीवाल ने जहां विदेश में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई, वहीं उन्होंने अपने पैतृक गांव और लोगों को कभी नहीं भुलाया। उन्होंने आगे कहा कि कनाडा में लगातार छठी बार सांसद बनना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसके लिए पूरे पंजाबी समुदाय को बधाई दी जानी चाहिए।

भाई ग्रेवाल ने जानकारी दी कि सुख धालीवाल वर्ष 1984 में पंजाब से कनाडा गए और तीन साल बाद कनाडा की नागरिकता प्राप्त की। एक सफल व्यवसायी के तौर पर उन्होंने एक जमीन सर्वे कंपनी की स्थापना की और सरी की म्युनिसिपल राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया जाता है कि उन्होंने 2,600 से अधिक नए पार्टी सदस्यों के हस्ताक्षर करवा कर ‘सरी इलैक्टर्स टीम’ की सदस्यता सूची में सबसे प्रमुख स्थान प्राप्त किया। यह आंकड़ा कुल पार्टी सदस्यों की संख्या के आधे से भी अधिक था।

इसके बाद सुख धालीवाल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और कनाडा सरकार के साथ मिलकर लगातार काम किया, जिसके परिणामस्वरूप वे आज छठी बार सांसद बने हैं। इस अवसर पर जश्न में शामिल प्रमुख लोगों में जरनैल सिंह धालीवाल, सरपंच सिमरनजीत कौर, युवा नेता लवजोत सिंह, मा. संदीप सिंह सूजापुर, मनजीत सिंह, प्रधान अमरजोत सिंह, झलमण सिंह, सुखविंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, कुलजीत सिंह, पाल सिंह, बिंदर सिंह, नाहर सिंह, सुरिंदर सिंह, दर्शन सिंह धालीवाल, सुखदेव सिंह धालीवाल, हाकम सिंह, संदीप सिंह, जसवंत सिंह धालीवाल, बलवीर सिंह, सिकंदर सिंह, अमनदीप सिंह, करनैल सिंह, पंच परमजीत कौर, जसप्रीत कौर, पंच महिंदर कौर, गुरदेव कौर, कुलवंत कौर और सुरिंदर कौर आदि उपस्थित थे।

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