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सुखबीर सिंह बादल को SIT से समन, गुरजीत सरावाँ के पिता को उम्मीद

Sukhbir Singh Badal summoned by SIT : फरीदकोट। साधु सिंह सरावाँ के पिता गुरजीत सिंह सरावाँ ने मीडिया के माध्यम से कहा कि पिछले 11 सालों में बेअदबी और बहबल कलां फायरिंग मामलों में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें आईं। जांच टीमें (SITs) भी बनीं और कई तरह की कार्रवाई की गई, लेकिन आज तक न्याय का कोई ठोस नतीजा नहीं आया।

सुबूतों पर टिके चालान की अपील

पीड़ित परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहा है। कोर्ट की कार्रवाई के दौरान जिन कारणों पर चर्चा हुई, उन्होंने मामले को और उलझा दिया है। जांच का एकमात्र मकसद सच्चाई सामने लाना और असली दोषियों को सजा दिलाना होना चाहिए। आज जो नई SIT इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि वे अनुरोध करते हैं कि यह जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और कानूनी तौर पर मजबूत होनी चाहिए। कोर्ट में ऐसा चालान पेश किया जाए जो सुबूतों के आधार पर टिक सके और जिससे ट्रायल अच्छे से आगे बढ़ सके।

SIT पर भरोसा, सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप

उन्होंने कहा कि SIT निष्पक्ष जांच करे लेकिन इंसाफ मिलेगा या नहीं, यह ऊपर वाले से पता चलेगा, उन्होंने कहा कि मुझे कोई सिक्योरिटी नहीं मिली। मैं तारीख पर फरीदकोट कोर्ट या चंडीगढ़ जाऊंगा। अगर रास्ते में मुझे कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? मैंने कई बार सिक्योरिटी की बात भी की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा है कि उन्होंने सारे केस चंडीगढ़ में किए हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ अभी भी पंजाब में है, चलो यह केस बॉर्डर पार पाकिस्तान, लाहौर में भी करते हैं, हम वहां जाकर वीजा लेंगे और तारीख पर मिलेंगे, लेकिन उम्मीद है कि वे एकतरफा फैसला करेंगे।

सुबूतों पर टिके चालान की अपील

उन्होंने कहा कि अब सरकारों पर कोई भरोसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पहले पॉलिटिकल पार्टियां अपनी पॉलिटिक्स करती रही हैं, लेकिन जांच एजेंसियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी निष्पक्ष और फैक्ट्स पर आधारित जांच करना है। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि उस समय की अकाली सरकार न्याय देने वाली थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने भी कोई न्याय नहीं दिया। AAP पार्टी के नेता उनके घर आते थे और उनसे मिलते थे और न्याय की बात करते थे। वे सुबह से शाम तक घर पर बैठकर कहते थे, कोई काम हो तो बताओ। लेकिन सरकार आने के बाद आज तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि नई SIT से उम्मीद है, 101% न्याय की भी उम्मीद है, लेकिन अगर कोई जज अच्छा है, तो उम्मीद है कि न्याय भी मिलेगा और वे भी ठीक रहेंगे।

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