मनाली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कांग्रेस की सुख्खू सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त सेस लगाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पहले ही महंगाई और बढ़ते आर्थिक बोझ से परेशान है और सरकार लगातार नए टैक्स एवं शुल्क लगाकर आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त भार डाल रही है।
उन्होंने कहा कि 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से पेट्रोल और डीजल दोनों पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त सेस लगाया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब प्रदेश का आम नागरिक पहले ही बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत से जूझ रहा है। भाजपा इस जनविरोधी कर नीति की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि सुख्खू सरकार के सत्ता में आने के बाद से डीजल पर वैट में लगातार बढ़ोतरी की गई। जनवरी 2023 में डीजल वैट 4.40 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति लीटर किया गया और इसके महज छह महीने बाद जुलाई 2023 में फिर 3 रुपये की वृद्धि कर इसे 10.40 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया।
इस प्रकार वर्ष 2023 में ही प्रदेश की जनता पर 6 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त वैट का बोझ डाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवहन लागत बढ़ती है, माल ढुलाई महंगी होती है और इसका सीधा प्रभाव किसान, बागवान, पर्यटन कारोबार, व्यापारी, छोटे व्यवसायी और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के घरेलू बजट पर पड़ता है। हिमाचल जैसे पहाड़ी और पर्यटन आधारित राज्य में इसका प्रभाव और भी व्यापक होता है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि टैक्स बढ़ाने की नीति केवल पेट्रोलियम पदार्थों तक सीमित नहीं है। कांग्रेस सरकार ने सीमेंट पर लगने वाले अतिरिक्त गुड्स टैक्स को 11 रुपए से बढ़ाकर 16 रुपए प्रति बैग कर दिया था, यानी एक ही झटके में 5 रुपए प्रति सीमेंट बैग का अतिरिक्त बोझ डाल दिया।
उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में राहत के बाद सीमेंट की लागत कम होने की उम्मीद बनी थी, वहीं प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य स्तर का टैक्स बढ़ाकर उसका लाभ हिमाचल की जनता तक पहुंचने से रोकने का काम किया।
उन्होंने कहा कि सुख्खू सरकार के कार्यकाल में जनता को एक के बाद एक आर्थिक झटके दिए गए हैं। बिजली के विभिन्न शुल्कों और सब्सिडी में बदलाव, डिपुओं में मिलने वाली राहत में कमी, स्टाम्प ड्यूटी में बढ़ोतरी तथा एचआरटीसी के किराए में वृद्धि जैसे फैसलों ने आम हिमाचली के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि जब सरकार जनता पर लगातार टैक्स और शुल्क बढ़ा रही है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि इन अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग कहां हो रहा है। प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के बावजूद यदि विकास कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, तो सरकार को अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं और खर्चों पर प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए।
📍 Location: Manali (कुल्लू)

