चंडीगढ़। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, पंजाब सरकार ने 7 मार्च को राज्यभर में सामूहिक एंटीनेटल देखभाल (G-ANC) के प्रशिक्षकों (ToT) का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह पहल झपीगो (Jhpiego) और चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन (CIFF) के सहयोग से की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य में एंटीनेटल देखभाल की गुणवत्ता को बढ़ाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता घनश्याम थोरी, आईएएस, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक, एनएचएम पंजाब, डॉ. हितिंदर कौर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. जसिंदर, निदेशक परिवार कल्याण, डॉ. नवजोत, डीडी (एफडब्ल्यू), और डॉ. हरप्रीत, एडी (एमसीएच) की उपस्थिति में की गई।
यह प्रशिक्षण जिला स्वास्थ्य प्रतिनिधियों और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को पंजाब में G-ANC को लागू करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करेगा। झपीगो द्वारा दी गई सुविधाजनक और व्यापक प्रशिक्षण में क्लिनिकल प्रोटोकॉल, साथी प्रशिक्षण और प्रभावी व्यवहार परिवर्तन रणनीतियों पर जोर दिया गया। इस दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गर्भवती महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाली, इंटरैक्टिव और सहयोगी एएनसी सेवाएं प्राप्त हों। साथ ही, गर्भावस्था के अनुभव को अधिक सकारात्मक और सूचनाप्रद बनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

G-ANC मॉडल, जिसे पहले पंजाब के तरनतारन जिले में झपीगो द्वारा एक पायलट कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया था, ने मातृ स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी में उत्कृष्ट सुधार दिखाया। इन सफल परिणामों से प्रेरित होकर, पंजाब सरकार अब इस परिवर्तनशील मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस विस्तार से शहरी और ग्रामीण दोनों समुदायों में महिलाओं को सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली एएनसी सेवाएं मिलेंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा की खाई को पाटने में मदद मिलेगी।
घनश्याम थोरी, आईएएस ने कहा, “सामूहिक एंटीनेटल देखभाल का यह राज्यव्यापी रोलआउट मातृ स्वास्थ्य के प्रति पंजाब की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने फ्रंटलाइन कर्मचारियों को सही संसाधनों और ज्ञान से सशक्त बनाकर, हम पंजाब के लिए एक मजबूत और स्वस्थ भविष्य बना रहे हैं।” G-ANC मॉडल के माध्यम से साथी समर्थन और इंटरैक्टिव प्रशिक्षण का उपयोग करके, राज्यभर में मातृ और शिशु स्वास्थ्य के परिणामों में और सुधार किया जाएगा और समग्र एंटीनेटल देखभाल अनुभव की गुणवत्ता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।