चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज शहर में खेल एवं स्वास्थ्य अवसंरचना की समीक्षा के लिए विभिन्न स्थानों का दौरा किया। प्रशासक ने सर्वप्रथम चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद के साथ सेक्टर-8 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्विमिंग पूल, शतरंज केंद्र और बैडमिंटन हॉल का अवलोकन किया तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से विकसित सटीक बॉल खेल ‘बोच्चिया’ का भी अवलोकन किया। उन्होंने शतरंज एवं बोच्चिया खिलाड़ियों से संवाद किया और परिसर में उपलब्ध समावेशी खेल सुविधाओं की सराहना की। इस अवसर पर खेल सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी, खेल निदेशक श्री सौरभ कुमार अरोड़ा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

इसके पश्चात प्रशासक एवं मुख्य सचिव ने संयुक्त रूप से सेक्टर-8 स्थित गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं का दौरा किया, जहाँ उनका स्वागत गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं के अध्यक्ष श्री सुखजिंदर सिंह बहल ने किया। इस अवसर पर प्रशासक एवं मुख्य सचिव को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रशासक ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, तथा गृह सचिव-सह-स्वास्थ्य सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़, आईएएस, के साथ सेक्टर-48 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा किया। चिकित्सकों ने बताया कि 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में वर्तमान में 54 बिस्तर भरे हुए हैं।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने प्रशासक को प्रमुख वार्डों एवं सुविधाओं के संचालन की जानकारी दी। उन्होंने जनरल ओपीडी, प्रयोगशाला, टीकाकरण कक्ष एवं फार्मेसी का निरीक्षण किया तथा क्षयरोग एवं श्वसन रोग विभाग का भी दौरा किया, जिसमें टीबी वार्ड एवं मल्टी-ड्रग रेज़िस्टेंट (MDR) कक्ष शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, मनोरोग एवं नशामुक्ति वार्डों, आइसोलेशन एवं ब्रैकीथेरेपी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया तथा चिकित्सकों, स्टाफ एवं मरीजों से संवाद किया।
इसके बाद प्रशासक ने स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नए ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त चिकित्सा अधीक्षक एवं नए ओपीडी के प्रभारी डॉ. महेश देवनानी ने उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। प्रशासक ने फिजियोथेरेपी विभाग का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें रीढ़, कूल्हे एवं घुटने से संबंधित रोगों के लिए उन्नत डिजिटल विश्लेषण एवं उपचार सुविधाओं के बारे में अवगत कराया गया। उन्होंने एनएसएस सारथी स्वयंसेवकों से भी संवाद किया और समाज के प्रति उनकी निःस्वार्थ सेवा की सराहना की। अंत में, प्रशासक ने PGIMER के ओरल हेल्थ साइंसेज़ (डेंटल) ओपीडी में ओरल स्वास्थ्य परीक्षण कराया।