जालंधर: डंकी रूट के जरिए करीब 300 भारतीयों को अमेरिका भेजने और बाद में उन्हें डिपोर्ट कर भारत वापस भेजे जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला को अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 7 दिन के ईडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। अब आरोपी को 30 अक्टूबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित बीजे इंटरनेशनल के मालिक तरुण खोसला को ईडी ने कुछ दिन पहले उसके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाकर ड्यूटी जज एवं अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश परमिंदर सिंह राय की अदालत में पेश किया गया। ईडी की ओर से पेश हुए वकील अजय पठानिया ने आरोपी का 10 दिन का रिमांड मांगा। उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में अब तक 17 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की जा रही है। अदालत ने तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद 7 दिन का रिमांड मंजूर किया।
आरोप है कि ट्रैवल एजेंट लोगों को अलग-अलग शहरों से जुड़े जंगलों के रास्ते डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजते थे और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
ईडी के वकील के अनुसार, डिपोर्ट किए गए भारतीयों से जुड़े मामले में पहले भी कई ट्रैवल एजेंटों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इनमें जालंधर के रिची ट्रैवल का नाम भी सामने आया था। छापेमारी के दौरान करीब 4.62 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की छड़ें, लगभग 313 किलो चांदी, डिजिटल उपकरण और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
📍 Location: जालंधर कोर्ट परिसर (जालंधर)

