लुधियाना: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के शिक्षण संवर्ग के पदों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए संवैधानिक आरक्षण को लागू करने और उनकी उचित पात्रता पर प्रमुखता से विचार किया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने की।
अमनप्रीत कौर राय ने कहा कि पीएयू की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी। लेकिन यह बड़े अफसोस की बात है कि लंबे समय बीतने के बावजूद एससी/एसटी श्रेणी को विश्वविद्यालय के शिक्षण संवर्ग के पदों पर अपना उचित संवैधानिक अधिकार नहीं मिल सका। यह स्थिति न केवल सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, बल्कि संविधान द्वारा गारंटीकृत समानता और प्रतिनिधि अधिकारों की भावना को भी आहत करती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अगर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो सामाजिक समानता और न्याय की बात अर्थहीन हो जाती है। अध्यक्ष किशोर मकवाना ने उन्हें आश्वासन दिया कि आयोग इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगा और अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। यह किसी एक व्यक्ति या संस्था की लड़ाई नहीं है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर भविष्य की लड़ाई है।
📍 Location: लुधियाना (लुधियाना)

