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मान सरकार सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव के लिए PRTC और PUNBUS में 1,265 बसें करेगी शामिल: Harpal Cheema

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मजबूत और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, राज्य के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज राज्य के परिवहन नेटवर्क के बड़े विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार पेप्सू रोड़ ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पी.आर.टी.सी.) में 659 बसें और पनबस में 606 बसों का बड़ा बेड़ा शामिल करने जा रही है।

परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में किलोमीटर स्कीम के तहत 250 बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा, “राज्य के भीतर अधिकतम रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से यह पहल विशेष रूप से पंजाब के निवासियों को समर्पित थी। इस योजना के तहत बस मालिकों (निजी व्यक्तियों) को अपने वाहनों को अपनी पसंद के अनुसार तैयार कराने की अनुमति दी गई, बशर्ते वे सरकारी मानकों और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।”

पी.आर.टी.सी. के लिए 659 बसों के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु विभाग केवल किलोमीटर स्कीम तक सीमित नहीं है। मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन ढांचे के व्यापक आधुनिकीकरण के तहत पी.आर.टी.सी. वर्तमान में 100 मिनी बसों और 309 अन्य मानक बसों की खरीद के लिए सक्रिय टेंडर प्रक्रिया में है।

पनबस के लिए निर्धारित 606 बसों का विवरण देते हुए मंत्री ने कहा कि एक सुनियोजित खरीद योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा, “387 बसों को सीधे पनबस के सामान्य बेड़े में शामिल किया जाएगा, ताकि विभिन्न रूटों पर बढ़ती मांग को तुरंत पूरा किया जा सके। शेष बसें किलोमीटर स्कीम के तहत जोड़ी जाएंगी, जिससे संचालन दक्षता और रूट कवरेज में और सुधार होगा।”

उन्होंने आगे बताया, “इस चरण में 19 पनबस वोल्वो बसें और 100 एचवीएसी बसें शामिल की जाएंगी, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम के तहत 100 सामान्य बसों के शामिल होने से कुल नई पनबस बसों की संख्या 606 हो जाएगी।”

वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पी.आर.टी.सी. और पनबस दोनों के बेड़े में यह ऐतिहासिक विस्तार पूरे पंजाब में कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक आरामदायक, भरोसेमंद और सुलभ यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

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