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साहित्य की रचनाओं से सजा सावन, कवियों ने बांधा समां

The month of Sawan is adorned with literary works : मोगा। नेचर पार्क मोगा में लखारी सभा की बैठक डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में साहित्य और संस्कृति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और साहित्य अकादमियों से बाल साहित्य लेखकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार शुरू करने की मांग की गई। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में नैतिकता विषय को शामिल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।इस अवसर पर लखारी सभा की ओर से प्रसिद्ध बाल साहित्य लेखक रणजीत सिंह हठूर को सम्मानित किया गया। साहित्यकारों ने कहा कि बाल साहित्य समाज की नई पीढ़ी के संस्कार और सोच को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।बैठक के बाद आयोजित ‘सावन कवि दरबार’ में साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से खूब रंग जमाया। डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने सावन माह पर कविता प्रस्तुत की, जबकि मास्टर प्रेम कुमार ने तरन्नुम में बोलियां और टप्पे सुनाए। बलबीर सिंह परदेसी, सुरजीत सिंह कालेके, भूपिंदर सिंह जोगेवाला और बलविंदर सिंह कैथ ने सावन से संबंधित कविताएं पेश कीं।रणजीत सिंह हठूर ने कविताओं के साथ ‘मींह बरसा दे रब्बा’ गीत प्रस्तुत किया। परमजीत सिंह चूहड़चक, प्यारा सिंह चाहल, गुरनाम सिंह गामा और गिल कोटली संघर ने गीतों के माध्यम से सावन की फुहारों और पंजाबी संस्कृति का रंग बिखेरा। विवेक कोट ईसे खां ने पेड़ों की महत्ता पर आधारित कविता प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपन्यासकार नछत्तर सिंह प्रेमी ने अपने उपन्यास का एक अध्याय भी प्रस्तुत किया।पूर्व जिला लोक संपर्क अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह रेडियो अपना/टीवी अपना विन्नीपेग, कनाडा की ओर से ऑनलाइन सावन कवि दरबार करवाया जाएगा, जिसमें लखारी सभा के कवि भी शामिल होंगे। लेखक सुरजीत सिंह दौधर ने कहा कि सावन कवि दरबार और बाल साहित्य लेखक का सम्मान सराहनीय पहल है। उन्होंने साहित्यकारों से युवाओं को नैतिक मूल्यों और पंजाबी संस्कृति से जोड़ने वाला साहित्य रचने की अपील की। अंत में डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
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