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15-20 साल से बंद था छेहरटा में बना स्मारक, अब स्थानीय समिति को सौंपी गई चाबियां

अमृतसर: 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहीद हुए 52 लोगों की याद में आज अमृतसर के छेहरटा में श्रद्धांजलि समारोह रखा गया। इस मौके पर शहीदों के परिवारों के सदस्य और अमृतसर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के MLA डॉ. जसबीर सिंह संधू समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। समारोह के दौरान शहीदों को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी गई।

इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. जसबीर सिंह संधू ने कहा कि यह स्मारक पिछले 15-20 सालों से बंद था। छेहरटा संघर्ष कमेटी की कोशिशों से अब इसे फिर से खोल दिया गया है और स्मारक की चाबियां सरकार ने लोकल कमेटी को सौंप दी हैं, ताकि इसकी ठीक से देखभाल की जा सके। MLA जसबीर संधू ने यहां एक लाइब्रेरी बनाने का भी ऐलान किया है।

समारोह के दौरान उन्होंने उन बुजुर्गों से भी बात की, जिन्होंने 1965 के युद्ध के दौरान बमबारी को अपनी आंखों से देखा था। उस समय के हालात को याद करते हुए बुजुर्गों ने बताया कि सीजफायर के ऐलान के बावजूद इलाके में पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने भारी बमबारी की, जिससे 52 लोगों की जान चली गई।

बुज़ुर्गों के मुताबिक, उस समय छेहरटा का मंज़र बहुत दर्दनाक था। बमबारी की वजह से कई इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई थीं और चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। उन्होंने कहा कि इस हादसे की यादें आज भी उनके जहन में ताजा हैं।

इस मौके पर शहीदों के परिवार वालों ने भी अपने परिवार से जुड़ी यादें शेयर कीं और कहा कि ऐसी यादगारें आने वाली पीढ़ियों को इतिहास और शहीदों की कुर्बानी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।

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