मूनक: देश की आज़ादी के लिए सबसे बड़ी कुर्बानियाँ देने वाले, हरित क्रांति के दौरान राष्ट्रीय खाद्य भंडार को भरने वाले और देश की सीमाओं की रक्षा में सबसे ज़्यादा जान कुर्बान करने वाले पंजाब को अब विनाशकारी बाढ़ के कारण ₹20,000 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंजाब के लिए सिर्फ़ ₹1,600 करोड़ की राहत राशि की घोषणा राज्य के साथ एक क्रूर मज़ाक से कम नहीं है।
यह बात कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने करैल, मूनक और फूलद सहित विभिन्न गाँवों के दौरे के दौरान घग्गर नदी की स्थिति का जायज़ा लेने के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए कही।
गोयल ने कहा कि घग्गर के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए पंजाब सरकार ने नदी के तटबंधों को मज़बूत किया है। नतीजतन, पिछले आठ दिनों से ख़तरे के निशान से ऊपर पानी बहने के बावजूद, आस-पास के गाँवों और कस्बों के निवासी इसके प्रभाव से सुरक्षित हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार और ज़िला प्रशासन पूरी तरह से निगरानी रख रहा है। जहाँ भी रेत की बोरियाँ या अन्य निवारक उपायों की आवश्यकता होती है, उन्हें तुरंत लागू किया जाता है। घग्गर तटबंध के हर किलोमीटर पर अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी समस्या का बिना किसी देरी के समाधान किया जा सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अगर हरियाणा सरकार पंजाब को सहयोग दे, तो घग्गर समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इसलिए, लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा सरकार को इस मामले में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।
श्री गोयल ने आगे कहा कि जब घग्गर नदी के तटबंधों को मिट्टी से मज़बूत किया जा रहा था, तब स्थानीय निवासी स्वेच्छा से इस काम में शामिल हुए थे और अब भी, वे दिन-रात निगरानी कर रहे हैं और सरकार का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए लोगों का हार्दिक आभार व्यक्त किया और उन्हें आश्वासन दिया कि अगले वर्ष से ऐसा प्रयास किया जाएगा कि ग्रामीणों को नदी के तटबंधों की स्वयं रखवाली न करनी पड़े।
मंत्री ने आगे बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए, घग्गर नदी के निकटवर्ती कस्बों और गांवों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक शिविर के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
किसी भी आपात स्थिति में, लोग ड्रेनेज विभाग से 87250-29785, जिला प्रशासन से 01672-234196 या मूनक नियंत्रण कक्ष से 97802-95132 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

