जालंधर: जीटीबी नगर निवासी आप नेता सतविंदरपाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय (43) की सुबह रोज लगभग एक ही तरह से शुरू होती थी। वह घर से निकलकर पहले गुरुद्वारा साहिब जाते थे, फिर दूसरे काम निपटाते थे। आज वह बाकी दिनों से करीब 15 मिनट पहले घर से निकले। माथा टेककर निकले और सुबह 7:36 बजे जैसे ही सड़क किनारे पार्किग में खड़ी कार में बैठे, उन पर गोलियां चला दी गईं।
हमला काफी कुछ उसी तरह से किया गया था जैसे तीन साल पहले पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की गई थी। गाड़ी में बैठे-बैठे मार देना। फर्क यह है कि मूसेवाला को चलती गाड़ी में मारा गया, लक्की को गाड़ी में बैठते ही। शेरू ग्रुप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करते हुए लक्की ओबेरॉय की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
इस कत्ल के पीछे खालसा कॉलेज की प्रधानगी को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। बताया जा रहा है कि कॉलेज की छात्र संघ की सियासत पर लंबे समय से शेरू ग्रुप का कब्जा था और जोगा फोल्ड़ीवाल अपने करीबी को प्रधान पद पर बनाए रखना चाहता था लेकिन लक्की ओबेरॉय ने अपनी पसंद के छात्र को प्रधान बनवाया होगा।

