The sisters’ love was not stopped by the prison : लुधियाना। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते, प्यार और भावनाओं का पर्व है, लेकिन लुधियाना जेल में इस बार राखी का रंग कुछ अलग ही नजर आया।
जेल की ऊंची दीवारों और पुलिस के पहरे के बीच जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं तो माहौल भावुक हो गया। किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सलामती की दुआ की तो कोई भाई से लिपटकर अपने आंसू नहीं रोक पाई। नशा तस्करी के मामले में तीन महीने से जेल में बंद एक युवक की आंखें उस वक्त भर आईं, जब उसने कहा कि पहले हर साल बहन घर पर उसकी कलाई पर राखी बांधती थी, लेकिन इस बार उसे भाई तक पहुंचने के लिए जेल आना पड़ा।
दूसरी ओर करीब तीन महीने से जेल में बंद एक पिता 10 दिन बाद अपने बेटे को सामने देखकर इतना भावुक हो गया कि उसकी आंखों से आंसू छलक आए। इन मुलाकातों ने बता दिया कि सलाखें भले ही अपनों को दूर कर दें, लेकिन रिश्तों का प्यार और भावनाएं किसी दीवार की मोहताज नहीं होतीं। जेल प्रशासन की ओर से राखियों का प्रबंध किया गया था, जिससे बंदियों को भी इस पवित्र त्योहार पर अपने परिवार के प्यार का एहसास हो सके। इधर, शहर में भी रक्षाबंधन की खूब धूम रही। सिंगर रणजीत सिंह बाबा और मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी अपनी बहनों से राखी बंधवाई।
चंडीगढ़ के सेक्टर-40 बी स्थित श्री हनुमंत धाम में बहनों ने 32 फीट ऊंची वीर हनुमान जी की प्रतिमा को 12¼ फीट से अधिक लंबी पर्यावरण अनुकूल राखी बांधकर पर्व को अनोखा रूप दिया। बाजारों में उमड़ी भीड़ और बहनों-भाइयों की चहल-पहल ने पूरे माहौल को त्योहार के रंग में रंग दिया।
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