पटियाला: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज समाना-पटियाला रोड पर गांव नस्सुपुर के नजदीक हुए भीषण हादसे के शिकार बच्चों का हाल जानने के लिए सरकारी राजिन्द्रा अस्पताल और निजी अस्पतालों का दौरा किया। इस अवसर पर उनके साथ समाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा तथा उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा अधीक्षक एवं सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे घायल बच्चों का निशुल्क उपचार करें तथा यह सुनिश्चित करें कि उपचार व्यवस्था में कोई कमी न रहे। उन्होंने उपायुक्त से कहा कि जिला प्रशासन उपचाराधीन बच्चों के परिजनों की देखभाल के लिए भी उचित प्रबंध करे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले 5 मासूम बच्चों और इनोवा चालक की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और समूची पंजाब सरकार पीड़ितों के दुख में निजी तौर पर शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह असहनीय घटना है और ऐसी दुर्घटनाओं को हत्या माना जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसी भी अधिकारी की लापरवाही को गंभीरता से ले रही है, जिसके कारण ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के लिए टिप्पर चालक ही जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि इस तरह से बहुत छोटे बच्चों की जान जाना परिवारों के लिए दुखों के पहाड़ के समान है। उन्होंने बताया कि घायल बच्चों के सिर में चोटें हैं, जिसके लिए राजिंदरा अस्पताल में न्यूरोसर्जन व अन्य जरूरी मेडिकल प्रबंध पूरे हैं, लेकिन अगर परिवार चाहे तो बच्चों को पीजीआई ले जाया जा सकता है भी भेजा जा सकता है। डॉ. बलबीर सिंह ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वे कल जिला प्रशासन के साथ बैठक कर दुर्घटना की समीक्षा करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि हालांकि सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत बच्चों के सुरक्षित स्कूल परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, लेकिन इसमें लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

