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रेलवे का बड़ा ऐलान: हर शुक्रवार बंद रहेंगी ये ट्रेनें, यात्रियों में बढ़ी नाराजगी

Pathankot Railway

Pathankot Railway

पठानकोट: लंबे इंतजार के बाद दोबारा शुरू हुई कांगड़ा वैली नैरोगेज रेल सेवा को लेकर यात्रियों की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। बता दें कि रेलवे प्रशासन ने ट्रैक और रेलवे ढांचे के रखरखाव का हवाला देते हुए नूरपुर रोड और बैजनाथ पपरोला के बीच चलने वाली दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। साथ ही पूरे कांगड़ा वैली सेक्शन में हर शुक्रवार सभी नैरोगेज यात्री ट्रेनों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

रेल यात्रियों में बढ़ा असंतोष

रेलवे के इस फैसले के बाद स्थानीय यात्रियों और सफर करने वाले लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जिस रेलखंड पर वर्षों तक सेवाएं बंद रहीं, उस दौरान ट्रैक और अन्य संरचनाओं की मरम्मत का कार्य पूरा किया जा सकता था। अब जब ट्रेनें फिर से पटरी पर लौट आई हैं, तब नियमित रूप से सेवाएं रोकना यात्रियों की परेशानी बढ़ाने वाला कदम है।

पहले मिली थी संचालन की मंजूरी

फरवरी में चक्की पुल को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस सेक्शन पर जल्द रेल सेवा बहाल करने की घोषणा की थी। फरवरी से मई के बीच मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे रखरखाव और तकनीकी कार्यों को आसानी से अंजाम दिया जा सकता था। इसके बावजूद व्यापक स्तर पर कोई विशेष मेंटेनेंस अभियान नहीं चलाया गया।

यात्रियों का कहना है कि सेवा शुरू होने के तुरंत बाद ट्रेनों को रद्द करने का फैसला रेलवे की योजना और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।

यात्रियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

रेल सेवाओं के प्रभावित होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो पठानकोट, नूरपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, पालमपुर और बैजनाथ के बीच नियमित यात्रा करते हैं। ट्रेनों के बंद रहने से लोगों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे यात्रा खर्च में भी बढ़ोतरी होगी।

रेलवे के आदेश के अनुसार ट्रेन संख्या 52462 (बैजनाथ पपरोला-नूरपुर रोड) और 52474 (नूरपुर रोड-बैजनाथ पपरोला) को अगली सूचना तक रद्द रखा गया है। वहीं, प्रत्येक शुक्रवार पूरे नैरोगेज सेक्शन में यात्री ट्रेनों का संचालन नहीं किया जाएगा।

रेलवे मंत्रालय से पुनर्विचार की मांग

स्थानीय संगठनों और रेल यात्रियों ने रेलवे मंत्रालय से इस निर्णय पर दोबारा विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि ट्रैक की नियमित देखभाल आवश्यक है तो इसके लिए वैकल्पिक समय या चरणबद्ध व्यवस्था बनाई जा सकती है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

यात्रियों का यह भी सवाल है कि जब रेलवे को पहले से ट्रैक की स्थिति और रखरखाव की जरूरतों का पता था, तो सेवा बहाल करने से पहले सभी जरूरी कार्य क्यों नहीं पूरे किए गए। उनका मानना है कि बार-बार होने वाले ऐसे फैसले यात्रियों के भरोसे को प्रभावित करते हैं।

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स्टाफ की कमी बनी वजह

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रखरखाव कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं है। इसी कारण विभाग को ट्रेनों के संचालन में आंशिक कटौती करने का निर्णय लेना पड़ा है। हालांकि यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द कोई स्थायी समाधान निकालकर सेवाओं को सामान्य करेगा। फिलहाल, यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना होगा और शुक्रवार के दिन नैरोगेज रेल सेवा उपलब्ध नहीं होगी।

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