लुधियाना/समराला: प्लास्टिक डोर की चपेट में आकर जान गंवाने वाले 15 वर्षीय मासूम तरणजोत को अंतिम विदाई देने के लिए रविवार को पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव वालों के अलावा समराला व आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। गांव के श्मशानघाट में हजारों नम आंखों ने मासूम तरणजोत को अंतिम विदाई दी। पिता हरचंद सिंह ने कांपते हाथों से अपने मासूम बेटे की चिता को अग्नि दी।
बता दें कि शनिवार को स्कूल से बुलेट बाइक पर लौटते हुए तरणजोत और उसका भाई प्रभजोत प्लास्टिक डोर की चपेट में आ गए थे। इस हादसे में गला कटने से तरणजोत की मौत हो गई थी, जबकि प्रभजोत भी गंभीर घायल हो गया था। रविवार को जब तरणजोत का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मां बार-बार बेटे को देखकर बेहोश हो रही थी, जबकि हरचंद सिंह का हाल भी बहुत बुरा था।

