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अब तक पंजाब के 1473 गांवों में पड़ी बाढ़ की मार, 43 लोगों की मौत व 19 घायल

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकारी मशीनरी 24 घंटे काम कर रही है। बहुत से इलाकों में स्थिति में सुधार है परन्तु अभी भी कुछ स्थान बाढ़ से प्रभावित है। माल विभाग के रिकार्ड मुताबिक अबतक सूबे के कुल 1473 गांवों को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। इनमें से 458 गांव पट्यिाला, 268 गांव एसएएस नगर, 364 गांव रूपनगर, 30 मोगा, 41 होशियारपुर, 28 लुधियाना, 32 संगरूर, 92 फिऱोज़पुर, 13 कपूरथला, 77 जालंधर, 20 एसबीएस नगर, 22 फाजिल्का, 21 मानसा और 7 गांव गुरदासपुर जि़लो के हैं।

27 जुलाई प्रात:काल 8 बजे तक 27286 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सूबे में कुल 159 राहत कैंप चल रहे हैं, जिन में 1319 लोग रह रहे हैं। मानसा जि़ले के राहत कैंपों में सब से अधिक 484 लोग ठहरे हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लोगों को सूखे भोजन के पैकेट भी वितरित किये जा रहे हैं। जो 19 जिलों ने बाढ़ की मार झेल रहे हैं उनमें तरनतारन, फिऱोज़पुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, कपूरथला, पटियाला, मोगा, लुधियाना, एस. ए. एस. नगर, जालंधर, संगरूर, एस. बी. एस. नगर, फाजिल्का, गुरदासपुर, मानसा, पठानकोट और बठिंडा शामिल हैं।

अलग- अलग जिलों से प्राप्त रिपोर्टों अनुसार सूबे में बाढ़ा़ें के कारण कुल 43 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 19 व्यक्ति जख़़्मी हुए हैं। पशु पालन विभाग की ओर से 26 जुलाई को सूबे में कुल 1517 पशूओं का ईलाज किया गया है जबकि 682 पशूआं का टीकाकरण किया गया। इसी तरह लोगों के स्वास्थय को मुख्य प्राथमिकता देते हुए स्वास्थय विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे सक्रियता से कार्य कर रही हैं। प्रवक्ता अनुसार इस समय 413 रैपिड रिस्पांस टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। इस के इलावा सेहत विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों में 181 मैडीकल कैंप लगाए गए हैं और ओपीडी की संख्या 6365 है।

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