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बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय द्वारा जालंधर में हैंड टूल्स पर दो दिवसीय कैप्सूल कोर्स का आयोजन

Two-day capsule course on hand tools organised Jalandhar

जालंधर: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय द्वारा 17–18 फरवरी 2026 को जालंधर में हैंड टूल्स पर दो दिवसीय कैप्सूल कोर्स का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात 18 फरवरी 2026 को प्रयोगशाला भ्रमण भी कराया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनिवार्य हैंड टूल्स मानकों से संबंधित मानकीकरण, गुणवत्ता अनुपालन तथा परीक्षण पद्धतियों के प्रति उद्योगों में जागरूकता बढ़ाना था।

प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र को श्री पंकज अत्री, संयुक्त निदेशक द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने बीआईएस, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCOs) तथा अनुरूपता मूल्यांकन ढांचे का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने उत्पाद सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं बाजार में विश्वसनीय छवि सुनिश्चित करने हेतु भारतीय मानकों के अनुपालन के महत्व पर बल दिया।

इसके उपरांत श्री नीरज कुमार मिश्रा, उप निदेशक द्वारा हैंड टूल्स से संबंधित अनिवार्य मानकों पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में विफलता विश्लेषण, प्रासंगिक भारतीय मानकों के अंतर्गत अनुपालन आवश्यकताएं तथा उत्पाद गुणवत्ता एवं विनियामक अनुरूपता बनाए रखने की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

18 फरवरी 2026 को प्रतिभागियों ने Central Institute of Hand Tools (CIHT), जालंधर का भ्रमण किया, जहां उन्हें परीक्षण सुविधाओं एवं कार्यप्रणालियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। सीआईएचटी में आयोजित सत्र का संचालन श्री प्रदीप कुमार वर्मा, प्रधान निदेशक तथा श्री अमित कुमार, उप निदेशक द्वारा किया गया।

प्रयोगशाला भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन (UTM) संचालन, रासायनिक परीक्षण विश्लेषण, हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया एवं कठोरता परीक्षण तथा फोर्जिंग प्रक्रियाओं सहित विभिन्न परीक्षण विधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को गुणवत्ता मूल्यांकन तंत्र एवं हैंड टूल्स निर्माण में अनुपालन आवश्यकताओं की बेहतर समझ प्राप्त हुई।

इस कैप्सूल कोर्स में हैंड टूल्स उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों एवं हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही। यह पहल भारतीय मानकों के प्रति गुणवत्ता जागरूकता को बढ़ावा देने, अनुपालन को सुदृढ़ करने तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के प्रति बीआईएस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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