मोगा: जिले में नशा तस्करी, बाल मजदूरी, महिलाओं के मानवाधिकारों के उल्लंघन, खाद्य पदार्थों में मिलावट और देह व्यापार जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने की मांग को लेकर यूनिवर्सल मानवाधिकार फ्रंट ने आवाज बुलंद की है। इन गंभीर मुद्दों को लेकर फ्रंट के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल डिप्टी कमिश्नर मोगा से मिला और जिले में चल रही विभिन्न सामाजिक समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके और सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए यूनिवर्सल मानवाधिकार फ्रंट के राष्ट्रीय चेयरमैन तेजिंदरपाल सिंह चीमा ने बताया कि फ्रंट की ओर से मोगा में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता फ्रंट के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. परमजीत सिंह तलवंडी भाई ने की। इसमें जिले के विभिन्न हिस्सों में सामने आ रहे सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद फ्रंट का प्रतिनिधिमंडल डिप्टी कमिश्नर मोगा से मिला और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लिखित मांगपत्र सौंपा।
नशा तस्करी पर लगाम लगाने की मांग
तेजिंदरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मोगा जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में नशा तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोगा को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। उनका कहना था कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके और समाज में इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
महिलाओं के अधिकारों और बाल मजदूरी का मुद्दा उठाया
प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं के मानवाधिकारों की रक्षा करने और बाल मजदूरी तथा बंधुआ मजदूरी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग भी उठाई। फ्रंट के पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना और बच्चों को मजदूरी के बजाय शिक्षा के अवसर दिलाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी बाल मजदूरी या बंधुआ मजदूरी के मामले सामने आते हैं तो उनकी जांच कर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
देह व्यापार, मिलावटखोरी और गैंगवार पर चिंता
बैठक में मोगा जिले में देह व्यापार से जुड़े कथित अवैध धंधों पर रोक लगाने और इनमें संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके साथ ही खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावटखोरी के मुद्दे पर भी चिंता जताई गई। फ्रंट ने मांग की कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ संबंधित विभागों की ओर से जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने गैंगवार और हिंसक घटनाओं की रोकथाम के लिए भी प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने तथा कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना था कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
प्रशासन से समस्याओं के समाधान की उम्मीद
तेजिंदरपाल सिंह चीमा ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर को इन मुद्दों के संबंध में विस्तारपूर्वक लिखित जानकारी दी गई है और संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित से जुड़े इन मामलों पर उचित कार्रवाई करेगा और लोगों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस अवसर पर फ्रंट के प्रांतीय नेता बाबा जगतार सिंह खोसा दल सिंह, मालवा जोन के प्रधान बलविंदर सिंह, सचिव गुरदीप सिंह हराज, गुरदीप सिंह सुलहानी, पंजाब कर्मचारी विंग के प्रधान राजविंदर सिंह मोगा, फिरोजपुर के जिला प्रधान राजविंदर सिंह सेखवां सहित फ्रंट के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
📍 Location: मोगा

