पंजाब डेस्क: मुक्तसर में एक सफ़ाई कर्मचारी की मौत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, नेशनल सफ़ाई कर्मचारी आयोग ने पंजाब के चीफ़ सेक्रेटरी, DGP पंजाब, प्रिंसिपल सेक्रेटरी सोशल वेलफ़ेयर, ज़िला डिप्टी कमिश्नर और ज़िला SSP को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने और रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए नेशनल सफाई कर्मचारी कमीशन के वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल ने बताया कि इस घटना के बारे में खुद से नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि 11 मार्च को नई दिल्ली में मिली एक शिकायत में कमीशन को बताया गया कि एक मजदूर करीब 10 फीट गहरे सीवर मैनहोल में गिरकर लापता हो गया।
जानकारी के मुताबिक, कल रात करीब 9 बजे मजदूर को मैनहोल में उतारा गया था लेकिन वह फिर बाहर नहीं आ सका। शिकायत में कहा गया है कि रात करीब 9 बजे सुपरवाइजर और JE उनके पास आए और 21 साल के मृतक मजदूर को अकेले अपने साथ ले गए। जब उन्होंने पूछा तो उन्हें बताया गया कि मैनहोल साफ करना है और वे थोड़ी देर में वापस आएंगे।
वे उसे मार्केट कमेटी ऑफिस के पीछे बने मैनहोल के पास ले गए। शिकायत में यह भी कहा गया कि उनके पास इस काम का कोई टेंडर नहीं था, फिर भी मजदूर को मैनहोल में उतारा गया। कमीशन की तरफ से जारी लेटर में कानून का हवाला देते हुए कहा गया कि किसी भी व्यक्ति का बिना मशीनरी और पूरी सेफ्टी के सीवर, सेप्टिक टैंक या मैनहोल में उतरना गैर-कानूनी है। इस कानून का मकसद हाथ से मैला उठाने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करना है। माननीय हाई कोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 2014 के एक फैसले में साफ कहा गया था कि सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई मशीनों से ही होनी चाहिए। अगर सीवर में किसी वर्कर की मौत होती है, तो उसके परिवार को कम से कम 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
पात्र में यह भी कहा गया है कि
बिना सेफ्टी और मशीनरी के किसी वर्कर को मैनहोल में उतारना कानून और कोर्ट के ऑर्डर का उल्लंघन है और उसके खिलाफ क्रिमिनल एक्शन लिया जा सकता है। कमीशन को जिले के डिप्टी कमिश्नर से इस बारे में तुरंत FIR करने के लिए कहना चाहिए, MS Act 2013 और अगर ज़रूरी हो तो SC/ST Act लगाया जाना चाहिए और इस बारे में तुरंत कमीशन को बताया जाना चाहिए।
