बठिंडा: पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत बठिंडा पहुंचे, जहां उन्होंने जिले की विभिन्न गौशालाओं के प्रधानों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य लावारिस गोवंश की देखभाल, उनके संरक्षण और गौशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाना रहा।
लावारिस गोवंश की देखभाल पर जोर
बैठक के दौरान कीमती भगत ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से लावारिस गोवंश के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं के कारण अक्सर सड़क हादसे और ट्रैफिक की समस्या पैदा होती है। कई मामलों में इन हादसों में लोगों की जान तक चली जाती है।
उन्होंने बताया कि पंजाब में करीब 10 हजार गोवंश को रेस्क्यू कर अलग-अलग गौशालाओं में पहुंचाया जा चुका है।
518 गौशालाओं के बिजली बिल माफ
कीमती भगत ने कहा कि पंजाब की करीब 518 गौशालाओं के बिजली बिल पंजाब सरकार की ओर से माफ किए गए हैं। इसके साथ ही गौशालाओं में गोवंश को संभालने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 518 गौशालाओं को करीब 3 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से काउ लिफ्टर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इनमें बठिंडा जिले की करीब 58 गौशालाएं शामिल हैं।
गौशालाओं में डॉक्टरों की ड्यूटी
वाइस चेयरमैन ने कहा कि पंजाब की सभी गौशालाओं में पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गोवंश के बीमार होने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की गौशालाओं में मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशुओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया जा सके।
हर गोवंश के लिए 61 रुपये प्रतिदिन की खुराक
कीमती भगत ने बताया कि पंजाब सरकार ने गोवंश के लिए प्रतिदिन 61 रुपये की खुराक देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बेजुबान और बेसहारा पशुओं के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
📍 Location: Bathinda

