चंडीगढ़: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान शुक्रवार को लुधियाना में रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी के पद पर तैनात पंजाब सिविल सेवा के अधिकारी नरिंदर सिंह धालीवाल को ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत के रूप में पैसे वसूलने के लिए संगठित अपराध चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया।
यह जानकारी देते हुए विजीलैंस के एक प्रवक्ता ने बताया कि 18-11-2022 दर्ज शिकायत की जांच के दौरान यह पाया गया कि वह लुधियाना में वाहनों का चालान नहीं काटने के बहाने मासिक आधार पर विभिन्न ट्रांसपोर्टरों से कुछ निजी व्यक्तियों के माध्यम से रिश्वत लेता था। गांव मनकवल, जिला लुधियाना के शिकायतकर्ता सतनाम सिंह धवन ने आरोपी आरटीए लुधियाना के खिलाफ इस हेल्पलाइन पर पंजाब होमगार्ड्स के स्वयंसेवक बहादर सिंह की वीडियो क्लिप के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज की थी। विजिलेंस टीम ने शिकायत के साक्ष्य व तथ्यों का सत्यापन किया जो सही पाया गया है। जांच में पाया गया कि आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल कुछ निजी व्यक्तियों के माध्यम से अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों से चालान नहीं काटने पर मासिक आधार पर रिश्वत की रकम वसूल करता था।
यह पाया गया कि दिसंबर के महीने में उन्होंने 4 लाख रुपये की रिश्वत वसूल की, जिसमें से उन्होंने 1,70,000 रुपये खुद के लिए इस्तेमाल किए और शेष रिश्वत की राशि 2,30,000 रुपये पीएचजी बहादर सिंह को सौंप दी गई। जांच के दौरान पीएचजी स्वयंसेवक ने विजिलेंस को खुलासा किया कि आरटीए के अधीनस्थ कर्मचारी होने के नाते उसे आरटीए के आदेशों का पालन करना पड़ता है और वह 2,30,000 रुपये की रिश्वत राशि पेश कर सकता है।
इस संबंध में आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल और अन्य के खिलाफ विजिलेंस पुलिस स्टेशन लुधियाना रेंज में FIR नं 01 दिनांक 6-1-2023 दर्ज की गई है। पीएचजी बहादर सिंह ने 2,30,000 रुपये की रिश्वत की राशि भी सरकारी गवाहों की उपस्थिति में विजिलास ब्यूरो कार्यालय में पेश की जो आरोपी आरटीए द्वारा उन्हें सौंपी गई थी। उसे कल स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।
