चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के दौरान बुधवार को ईएसआईसी अस्पताल लुधियाना में तैनात सुखबीर सिंह और उसके साथी नवनीत कुमार निवासी गुरु अर्जन देव नगर लुधियाना को 25000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लुधियाना जिले के गांव फुल्लांवाल निवासी दिनेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने वीबी से संपर्क किया और बताया कि उसे पता चला है कि ईएसआईसी अस्पताल, भारत नगर चौक लुधियाना में अनुबंध के आधार पर प्रयोगशाला तकनीशियन के पद भरे जाने थे। इस संबंध में उन्होंने ईएसआईसी अस्पताल की एचआर शाखा के सुखबीर सिंह से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने व्हाट्सएप नंबर पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज भेजने के लिए कहा हैं।

शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ दिनों के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे समराला चौक पर मिलने के लिए बुलाया और बताया कि सुखबीर सिंह ने अस्पताल में नौकरी लगवाने के लिए 1,10,000 रुपए की रिश्वत मांगी है। इसके बाद सुखबीर सिंह ने काम करवाने के लिए 100000 रुपए का प्रबंध करने को भी कहा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 25000 रुपए की रिश्वत लेते समय उक्त आरोपी सुखबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद मुख्य आरोपी सुखबीर सिंह के एक साथी नवनीत कुमार निवासी गुरु अर्जन देव नगर लुधियाना को भी समराला चौक लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए और आईपीसी की धारा 120-बी के तहत विजीलैंस ब्यूरो के थाना लुधियाना रेंज में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को कल सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा तथा आगे की जांच के दौरान अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।