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बाल विवाह के खिलाफ मोगा के गांवों में लिया गया सामूहिक संकल्प

Villages Take Collective Pledge Against Child Marriage :  मोगा। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खात्मे के लिए केंद्र सरकार के अभियान के तहत गांधी जयंती पर देशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।

इस दौरान गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव रखते हुए लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसके पूर्ण खात्मे का सामूहिक संकल्प लिया। मोगा में जिला युवा विकास संगठन (ZYVS) ने भी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अभियान का समर्थन किया। संगठन के अनुसार, ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी बढ़ने से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

इन ग्राम सभाओं में गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव रखते हुए बाल विवाह के पूर्ण खात्मे का सामूहिक संकल्प लिया गया। जिला युवा विकास संगठन (ZYVS) ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर लोगों की भागीदारी से बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी। जिला समन्वयक हरलीन कौर ने बताया कि जिला युवा विकास संगठन, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (JRC) का सहयोगी संगठन है। JRC बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्य करने वाली नागरिक समाज संस्थाओं का राष्ट्रीय नेटवर्क है।

इसके 300 से अधिक सहयोगी संगठन देश के विभिन्न जिलों में सरकार और प्रशासन के सहयोग से भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय के निर्देशों के तहत 2 अक्टूबर को देशभर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इनमें स्थानीय निवासियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लेकर बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक संकल्प लिया।

मोगा जिले से जिला युवा विकास संगठन की जिला समन्वयक हरलीन कौर, कम्युनिटी सोशल वर्कर हीना और गुरभेज सिंह ने भी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। संगठन ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल बाल विवाह के खिलाफ जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों को नई गति देगी। संगठन के निदेशक परमजीत सिंह बडोला ने कहा कि हर गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन एक सराहनीय कदम है।

उन्होंने जिला प्रशासन और डिप्टी कमिश्नर की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब पूरा गांव और समाज एकजुट होकर बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होगा, तो सामाजिक बदलाव तेजी से आएगा। इससे बेटियों को अपना बचपन जीने, शिक्षा हासिल करने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के प्रयासों से वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की मुहिम को नई गति मिलेगी।

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