बठिंडा: हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बठिंडा द्वारा विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
मां के सम्मान में पेड़ लगाने के लिए किया प्रेरित
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना तथा पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ाना है।
इस अवसर पर डॉ. गुरदीप सिंह सिद्धू, डिप्टी डायरेक्टर (प्रशिक्षण), कृषि विज्ञान केंद्र, बठिंडा ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां की याद और सम्मान में कम से कम एक पेड़ लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसे प्रयास न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर दिया विशेष व्याख्यान
इस अवसर पर डॉ. गुरमीत सिंह, प्रोफेसर, प्रसार शिक्षा, कृषि विज्ञान केंद्र, बठिंडा द्वारा पर्यावरण संरक्षण, पेड़ों के महत्व और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के उद्देश्यों संबंधी विशेष व्याख्यान दिया गया।
उन्होंने पेड़ों के पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वायु गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने में योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पौधों की नियमित देखभाल पर जोर
डॉ. गुरमीत सिंह ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े पेड़ों का रूप लें।
अधिक से अधिक लोगों से अभियान से जुड़ने की अपील
कृषि विज्ञान केंद्र, बठिंडा की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें और अधिक से अधिक पेड़ लगाकर उनकी उचित देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया गया।
📍 Location: Bathinda (Bathinda)

