Last Updated: October 11, 2026

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मलोट में महिला आयोग की लोक अदालत, मौके पर समाधान के निर्देश

July 29, 2026

मलोट में महिला आयोग की लोक अदालत, मौके पर समाधान के निर्देश

Women’s Commission’s Lok Adalat in Malout  : श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने मालोट में कंप्यूटर रिसोर्स सेंटर के पास स्थित मिमिट कॉलेज में लोक अदालत के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनका समाधान करने के निर्देश दिए।

लोक अदालत में 34 मामलों की सुनवाई

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर भी विशेष रूप से उनके साथ मौजूद थीं। इस दौरान, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन का धन्यवाद किया और कहा कि उनके निमंत्रण पर मालोट में लोक अदालत आयोजित की गई और लोगों की समस्याएं सुनी गईं। उन्होंने कहा कि इन लोक अदालतों के माध्यम से लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर राज लाली गिल ने कहा कि पंजाब राज्य महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करना है और इसी उद्देश्य से आज मालोट में लोक अदालत आयोजित की गई है। ज़्यादातर महिलाओं की यह समस्या थी कि आयोग की दूरी, छोटे बच्चों या अन्य मजबूरियों के कारण उनके लिए आयोग तक पहुँचना मुश्किल होता है, इसलिए महिलाओं के घरों के पास लगातार ऐसी लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मालोट शहर से उनके पास पहले से ही 34 मामले दर्ज थे और उन मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए संबंधित महिलाओं, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी आज यहाँ बुलाया गया है।

लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश

उन्होंने कहा कि आयोग लंबित मामलों को यथासंभव हल करने का प्रयास कर रहा है और पुलिस प्रशासन को भी लंबित मामलों की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पुलिस प्रशासन को 30 दिन का समय दिया जाता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों या अन्य लोगों से जुड़े कुछ मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना होता है; ऐसे मामलों में 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा जाता है। चेयरपर्सन श्रीमती राज लाली गिल ने कहा कि आयोग को रोज़ाना कई मामले मिलते हैं और आयोग संबंधित मामलों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई करता है। संबंधित व्यक्ति को तुरंत ‘कारण बताओ’ (show cause) नोटिस जारी किया जाता है। इसके अलावा, अगर शिकायत लिखित रूप में या खुद माता-पिता की ओर से दर्ज कराई जाती है, तो मामले को 10 दिनों के भीतर सुलझा लिया जाता है। छेड़छाड़ से जुड़े किसी भी मामले में, पुलिस को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है। पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन ने लोगों से अपील की कि अगर किसी के साथ कोई अत्याचार होता है, तो वे घर पर चुप न बैठें और तुरंत पुलिस प्रशासन या सीधे आयोग से संपर्क करें।

 

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