चंडीगढ़: पंजाब में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर सूची में नामों की जांच और अपडेट का काम जारी है। इस प्रक्रिया के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो उसे राज्य सरकार की कुछ महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है।
कुछ योजनाओं में वोटर कार्ड अनिवार्य दस्तावेज है, जबकि कई अन्य में इसे निवास और पहचान के वैकल्पिक प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।
दो योजनाएं जिनमें वोटर कार्ड जरूरी
1. मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। योजना के लिए पंजाब की मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक माना गया है। यदि किसी महिला का नाम वोटर लिस्ट से हट जाता है, तो उसे इस योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
2. मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना
राज्य सरकार की इस स्वास्थ्य योजना में पात्र परिवारों को ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड के साथ पंजाब का वोटर कार्ड भी जरूरी दस्तावेजों में शामिल है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामलों में उनके माता-पिता के वोटर कार्ड का सत्यापन किया जाता है।
इन सात योजनाओं में वोटर कार्ड बनता है महत्वपूर्ण दस्तावेज
हालांकि निम्नलिखित योजनाओं में वोटर कार्ड हर स्थिति में अनिवार्य नहीं है, लेकिन स्थायी निवास और पहचान साबित करने के लिए इसे प्रमुख दस्तावेज माना जाता है।
बुढ़ापा पेंशन योजना
65 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों और 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को ₹1,500 मासिक पेंशन देने वाली इस योजना में वोटर कार्ड निवास प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाता है।
विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन
पात्र महिलाओं को मिलने वाली ₹1,500 मासिक सहायता के लिए पहचान और पते के प्रमाण के रूप में वोटर कार्ड स्वीकार किया जाता है।
आश्रित एवं दिव्यांग बच्चों से जुड़ी सहायता
अनाथ या 50 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को आवेदन के दौरान अपनी पहचान और निवास प्रमाणित करने के लिए वोटर कार्ड प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
स्मार्ट राशन कार्ड योजना
नया राशन कार्ड बनवाने या परिवार के किसी सदस्य का नाम जोड़ने के समय परिवार के मुखिया का वोटर कार्ड एड्रेस प्रूफ के तौर पर उपयोग किया जाता है।
पंजाब आशीर्वाद योजना
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मिलने वाली ₹51,000 की सहायता में भी माता-पिता के पंजाब निवासी होने का प्रमाण महत्वपूर्ण माना जाता है।
पंजाब लेबर कार्ड
पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य लाभों के लिए लेबर विभाग में पंजीकरण के दौरान वोटर कार्ड वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाता है।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद मिलने वाली ₹20,000 की सहायता के लिए पंजाब निवासी होने का प्रमाण आवश्यक होता है, जिसे वोटर कार्ड के जरिए साबित किया जा सकता है।
SIR प्रक्रिया में क्या करें?
यदि आपको लगता है कि आपका नाम मतदाता सूची से हट सकता है या उसमें कोई त्रुटि है, तो अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क करें। आवश्यक होने पर फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने) या फॉर्म-8 (सुधार) भरकर संबंधित दस्तावेजों के साथ जमा करें, ताकि समय रहते सत्यापन पूरा किया जा सके।
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घर बैठे ऐसे जांचें वोटर स्टेटस
जो लोग BLO के पास नहीं जा सकते, वे मोबाइल पर Voter Helpline ऐप के जरिए भी अपना स्टेटस देख सकते हैं। ऐप में लॉगिन करने के बाद Voter Services सेक्शन में अपना वोटर आईडी नंबर दर्ज करें। यहां यह पता चल जाएगा कि आपका नाम मतदाता सूची में सक्रिय है या नहीं। साथ ही, जरूरत पड़ने पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी का ऑनलाइन सत्यापन और अपडेट भी किया जा सकता है।
वोटर सूची का विशेष संशोधन निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटता है, तो विभिन्न सरकारी योजनाओं पर उसका प्रभाव संबंधित योजना के पात्रता नियमों और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। ऐसे में नागरिकों को समय-समय पर अपना वोटर स्टेटस जांचते रहना चाहिए और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार करवाना चाहिए।
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