चंडीगढ़: चंडीगढ़ में युवा कांग्रेस पार्टी द्वारा एक बड़ा आंदोलन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकतार्ओं ने भाग लिया। यह प्रदर्शन हरियाणा सरकार के खिलाफ था, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सैक्टर-3 स्थित आधिकारिक निवास का घेराव किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाणा ने किया। लुबाणा ने इस दौरान कहा कि, आईपीएस वाई. पूरन कुमार की दुखद मृत्यु आत्महत्या नहीं, बल्कि सरकार की असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार व्यवस्था के कारण हुई शहादत है। एक होनहार दलित अधिकारी को न्याय दिलाने में हरियाणा की भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि वाई. पूरन कुमार का पार्थिव शरीर अभी तक मोर्चरी में रखा हुआ है और सरकार की चुप्पी न्याय की हत्या के समान है। अगर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के साथ ऐसा अन्याय हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा, यह सहज ही समझा जा सकता है। लुबाणा ने कहा प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और कई यूथ कांग्रेस कार्यकतार्ओं पीसीसी महासचिव लव कुमार,उप अध्यक्ष सुखदेव, अतिंदर रॉबी महासचिव हरसिमरन, कपिल चोपड़ा, शुभम, यतिन, दीपक जैसवाल,जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता, रवि राणा, विकास खाना, अमित कुमार वार्ड अध्यक्ष रोहित, रवि, अभिषेक, अमन, देवेंद्र राजभर, आशु, विनय, पंकज ठाकुर, राजबीर सिंह आदि को गिरफ्तार कर सेक्टर-3 थाना ले जाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की युवा कांग्रेस ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता ने कहा कि यह घटना भारत के दलित समाज के खिलाफ जारी अन्याय की कड़ी में एक और दुखद अध्याय है। यह पहला मौका है जब एक दलित आईपीएस अधिकारी ने आठ पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ते हुए अपने प्राण त्यागे, जिसमें कई जिम्मेदार अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से लिखे गए हैं, उन्होंने कहा कि आईपीएस वाई. पूरन कुमार की पत्नी, अमनीत कौर जो स्वयं एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, लगातार अपने पति के लिए न्याय की मांग कर रही हैं। अंत में लव कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि वाई. पूरन कुमार को शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो युवा कांग्रेस पार्टी एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता।

