जालंधर : पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी, सुचारू प्रशासन एवं सूचना तकनीक, रोजगार उत्पत्ति एवं प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम को पंजाब में नशे के खिलाफ एक फैसलाकुन जंग करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के तहत 551 दिनों के दौरान 76 हजार से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। अब मुहिम अंतिम चरण में दाखिल हो रही है और अगले एक महीने में 500 से अधिक सदस्यों की टीम प्रदेश के हर गांव और वार्ड तक पहुंचेगी।
पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में प्रदेश भर से पहुंचे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ टीम के 500 से अधिक सदस्यों को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि इस मुहिम ने प्रदेश में नशे के नैटवर्क की कमर तोड़ने और इस समस्या से निपटने में शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने टीम के सदस्यों को उनकी कड़ी मेहनत और इस बुराई के खिलाफ किए जा रहे काम के लिए बधाई दी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशा तस्करी में शामिल लोग और तस्करों की मदद करने वाले लोग अब सख्त कार्रवाई से डर रहे हैं और इस घिनौने काम से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई पक्के इरादे वाली सरकार ही कर सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नशे की समस्या से निपटने के लिए अपना दृढ़ इरादा दिखाया है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले समय में सत्ताधारी पार्टियों के नेता नशे के नैटवर्क में सीधे तौर पर शामिल रहे, जिससे पंजाब नशे की जकड़ में आ गया। मौजूदा सरकार ने इस समस्या के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिसका मकसद पंजाब को नशे से मुक्त कर फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इस मौके पर नशा मुक्ति मोर्चा के प्रदेश ऑब्जर्वर अशित कुमार, दोआबा कोऑर्डिनेटर अतिन अग्निहोत्री, दिनेश सूरी और पुष्पिंदर चाहल सहित कई जिलों के जिला कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।

