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नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अजमेर कोर्ट ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

दुष्कर्म और हत्या

दुष्कर्म और हत्या

अजमेर : अजमेर की पॉक्सो कोर्ट-2 ने शनिवार को एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या करने के मामले के दोषी अरशद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला अजमेर जिले के पीसांगन गांव का है, जहां मुस्लिम युवक अरशद ने खुद को हिंदू बताकर इंस्टाग्राम पर नाबालिग से दोस्ती की और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा कर दुराचार किया। बाद में आरोपी ने पीड़िता की हत्या कर दी। अदालत ने उसे मामले को जघन्य बताते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शनिवार को अजमेर की पॉक्सो संख्या 2 के न्यायाधीश रंजन शर्मा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी अरशद को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा दी। पॉक्सो कोर्ट संख्या 2 के लोग अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत ने बताया कि अरशद ने अपने आपको हिंदू बताकर पीड़िता से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और अपने प्रेम जाल में फंसा कर उसको सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुराचार किया ।

आजीवन कारावास के साथ 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई
लोक अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, ‘शनिवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें अरशद को आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 30 गवाह और 88 दस्तावेज पेश किए गए। दुष्कर्म और हत्या की इस घटना को जघन्य अपराध माना गया है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘अरशद ने हिंदू लड़के की आईडी बना रखी थी और उससे चैटिंग कर रहा था। बाद में पता चला कि वह दूसरे धर्म का है। जब लड़की ने उसका विरोध करते हुए कहा कि वह दूसरे धर्म का है और मेरे साथ गलत कर रहा है, तो उसने उसकी हत्या कर दी। न्यायालय ने टिप्पणी की है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ जो अपराध किया है, वह बहुत गंभीर अपराध है। लोक अभयिोजक ने दोषी के लएि फांसी की सजा की मांग की थी, लेकनि कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।’

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