Last Updated: October 31, 2026

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हजारों दीदियों के हाथों तैयार हर्बल गुलाल से गुलजार हुआ झारखंड का होली बाजार

March 13, 2025

हजारों दीदियों के हाथों तैयार हर्बल गुलाल से गुलजार हुआ झारखंड का होली बाजार

रांची : झारखंड के होली बाजार में इस बार सखी मंडलों की दीदियों के हाथों तैयार हर्बल गुलाल की बहार है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से संबद्ध सखी मंडलों से जुड़ी गांव-गांव की दीदियों ने फूल, फल और पत्तियों से बड़े पैमाने पर गुलाल तैयार किया है। जेएसएलपीएस ने इन्हें ‘पलाश’ ब्रांड के तहत राज्य भर के बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया है।

यह शत-प्रतिशत इको-फ्रेंडली उत्पाद है और लोगों को खूब भा रहा है। जेएसएलपीएस की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी कंचन सिंह ने बताया कि प्राकृतिक रूप से बनाए गए गुलाल में हरे रंग के लिए पालक, गुलाबी के लिए चुकंदर, पीले और नारंगी रंग के लिए पलाश और हल्दी, जबकि नीले रंग के लिए सिंद्धार समेत अन्य फूलों और पत्तियों का उपयोग किया गया है। गुलाल को सुगंधित बनाने के लिए प्राकृतिक एसेंस का भी समावेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पलाश ब्रांड के जरिए हम ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को बाजार तक पहुंचा रहे हैं।

उत्पादों को एक नई पहचान मिली

पलाश हर्बल अबीर का उत्पादन न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल भी मिल रहा है। पलाश ब्रांड के माध्यम से उनके उत्पादों को एक नई पहचान मिली है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा भी मिल रहा है।’ इस हर्बल गुलाल की बिक्री के लिए रांची, हजारीबाग, पलामू, चतरा, रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा जिलों में स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल पर रागी लड्डू, हैंडमेड चॉकलेट, कुकीज़ आदि उत्पादों की भी बिक्री की जा रही है।

केमिकल का इस्तेमाल किए बगैर तैयार

रांची के मोरहाबादी मैदान में लगाए गए प्रदर्शनी सह बिक्री स्टॉल की संचालिका वाजिदा लोन ने बताया कि किसी केमिकल का इस्तेमाल किए बगैर तैयार किए गए इस गुलाल को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। पिछले पांच दिन से उन्होंने यह स्टॉल लगाया है, जहां हर रोज अच्छी संख्या में लोग गुलाल खरीदने पहुंच रहे हैं। सखी मंडल की एक अन्य दीदी कमला कुमारी ने बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी हर्बल गुलाल की अच्छी मांग है। गांव-गांव की दीदियों ने होली के लिए दो माह पहले से ही गुलाल तैयार करना शुरू कर दिया था। स्टॉल पर खरीदारी करने पहुंचे एक ग्राहक ओमप्रकाश ने कहा कि इस हर्बल गुलाल में किसी भी प्रकार के रसायन या आर्टिफिशियल सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है।

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